NCRkhabar@Bhiwadi. औद्योगिक नगरी भिवाड़ी (Industrial City Bhiwadi) में प्रदूषण नई बात नहीं है। हर साल ग्रेप लागू होने से पहले वायु प्रदूषण की रोकथाम के दावे किए जाते हैं लेकिन समस्या को सुलझाने के नाम पर आज तक ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। इस बीच माननीय सुप्रीम कोर्ट (Suprim Court) ने राजस्थान (Rajasthan) सहित पांच राज्यों से वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर अगले सप्ताह हलफनामा मांग लिया है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल (RSPCB) के सुझावों पर सरकारी महकमे अमल करते तो आज सांसों पर आए संकट से काफी हद तक बचा जा सकता था। भिवाड़ी में हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति पैदा हो गई है और आसमान में छाई स्मॉग की चादर से लोगों को घुटन महसूस हो रही है। इससे बिना मास्क लगाए लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को भिवाड़ी का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार बढ़ रहा है। दोपहर 12 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 385 था लेकिन शाम सात बजे 429 तक पहुंच गया। इसके बावजूद जगह-जगह बिल्डिंग मटीरियल व कचरे का ढेर नज़र आ रहा है। भिवाड़ी टोल प्लाजा से टपूकड़ा तक स्टेट हाईवे किनारे कईं स्थानों पर खुले में बिल्डिंग मटीरियल रखा हुआ है, जिससे रेत के कण हवा के साथ उड़कर लोगों की सेहत को प्रभावित कर रहे हैं।

मास्क लगाकर घरों से बाहर निकलने की सलाह
सोनी हॉस्पिटल के संचालक व वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश सोनी ने लोगों को बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण आवश्यक कार्य होने पर मास्क लगाकर घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। डॉ राकेश सोनी ने बताया कि स्मॉग छाए रहने व प्रदूषण बढ़ने से बच्चों को आवश्यक कार्य से ही मास्क लगाकर बाहर निकलना चाहिए और खाली पेट नहीं निकलें। उन्होंने कहा सुबह टहलने जाने वाले लोगों को पार्क व हरियाली वाली जगह पर जाना चाहिए।

प्रदूषण फैलाने वालों को रीको ने थमाए नोटिस


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