
NCRkhabar@Bhiwadi. भिवाड़ी के अलवर बाईपास (Alwar By pass Bhiwadi) पर भरे गंदे पानी की समस्या के निराकरण के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। पहले राजस्थान व हरियाणा (Rajasthan-Haryana) में अलग-अलग पार्टियों की सरकार होने की वजह से गंदे पानी को लेकर दोनों राज्यों का प्रशासन भी आमने-सामने आ चुका था और सरकारों ने एक साथ बैठकर समस्या का हल खोजने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिससे मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक चला गया है।
अब राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद दोनों राज्यों का प्रशासन भी इस समस्या के स्थाई समाधान निकालने में जुट गया है। वहीं तिजारा से विधायक बनने के बाद महंत बाबा बालकनाथ ने चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar CM Haryana) से मुलाकात कर विधानसभा चुनाव में सहयोग के लिए उनका आभार प्रकट किया। इस दौरान विधायक बाबा बालकनाथ (Baba Balaknath) ने अलवर बाईपास पर पिछले माह से भरे गंदे पानी की समस्या का समाधान करने का मामला उठाया तो हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल्द से जल्द समस्या के निराकरण करने का आश्वासन दिया। इससे दोनों राज्यों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है।
पांच माह से अलवर बाईपास पर है जलभराव की समस्या
हरियाणा की तरफ से जुलाई माह में भिवाड़ी की फैक्ट्रियों का पानी धारूहेड़ा में जाने से रोकने के लिए रैंप बना दिया गया है, जिससे अलवर बाईपास पर जलभराव की स्थिति बन गई है। इस कारण लोगों को काफी ज्यादा घूमकर धारुहेड़ा की ओर आवागमन करना पड़ रहा है औऱ कई बार गंदे पानी मे वाहन फंस चुके हैं। इसके अलावा स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय बुरी तरह पर प्रभावित हुआ था। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी जुलाई में धारुहेड़ा व भिवाड़ी का दौरा करके गंदे पानी की समस्या को देखा था औऱ धारुहेड़ा में दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक लेकर समस्या का स्थाई हल निकालने के आदेश दिए थे। भिवाड़ी प्रशासन ने इसके बाद सीईटीपी अपग्रेडेशन का क तेज किया और नाले में अवरोधक बनाकर भिवाड़ी में खाली भूखण्डों में गंदा पानी भरने लगे। वहीं कुछ समय बाद भिवाड़ी की तरफ से अलवर बाईपास पर अवरोधक लगाकर रास्ता बंद करने से भगतसिंह कालोनी व अलवर रोड पर पानी भरने की समस्या से थोड़ी राहत मिली है।
सीईटीपी के नए प्लांट में होने लगा गंदे पानी का शोधन
भिवाड़ी की फैक्ट्रियों का गंदा पानी शोधित कर पुनः फैक्ट्रियों तक भेजने के लिए 146 करोड़ की लागत से पाइपलाइन बिछाई गई है तथा टैंक का निर्माण करवाया गया है। गत सप्ताह सीईटीपी के नए प्लांट में फैक्ट्रियों से आने वाले गंदे पानी को शोधित करने का काम शुरु हो गया है तथा शोधित पानी को पुनः औद्योगिक क्षेत्र में बनाए गए स्टोरेज टैंक में भेजा जा रहा है। इससे भिवाड़ी की फैक्ट्रियों का पानी हरियाणा में जाने की समस्या का समाधान हो गया है।




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