किसान आंदोलन से उद्यमियों में भय का माहौल, आवागमन बाधित होने से हो रहा आर्थिक नुकसान

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NCRkhabar@Bhiwadi.दिल्ली एनसीआर (Delhi-NCR) में किसान आंदोलन को रोकने के लिए राज्य सरकारें सतर्क हैं तथा हालात से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। हरियाणा (Haryana-Rajasthan Border) से लगती राजस्थान सीमा पर स्थित जयसिंहपुरा खेड़ा बॉर्डर पर राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) की ओर से पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है तथा नीमराणा एएसपी जगराम मीणा खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। पुलिस व आरएसी के जवान आने-जाने वालों पर नजर रख रहे हैं। इसके बावजूद उद्यमियों में भय का माहौल है तथा वे दूसरे शहरों में जाने से बचने लगे हैं। भिवाड़ी से रोजाना गुरुग्राम, फरीदाबाद, बावल, दिल्ली समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चा व तैयार मॉल का आवागमन होता है तथा उद्यमी भी व्यपार को लेकर एक-दूसरे के यहां आते हैं। फैक्ट्रियों से निकलने वाला तैयार व कच्चा माल समय पर नहीं पहुंच रहा है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ रहा है। खुशखेड़ा कारोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (KKIA) के अध्यक्ष प्रदीप दायमा ने बताया कि आये दिन होने वाले आंदोलन से उद्योग जगत बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के औद्योगिक शहर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं तथा रोजाना ट्रकों के जरिये सामान भेजा जाता है लेकिन अब आंदोलन की वजह से उद्यमी सामान को एक से दूसरे जगह भेजने से पहले पूरी सावधानी बरत रहे हैं। दायमा ने बताया कि जाम व आंदोलन के कारण सामान की डिलीवरी समय पर नहीं हो रही है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उद्यमियों में भय का माहौल है तथा  समय पर सामान नहीं पहुंचने की वजह से उन्हें वित्तीय नुकसान हो रहा है। उधर अलवर जिला प्रमुख व कांग्रेस नेता बलबीर छिल्लर ने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा किया था, इसलिए इसे लागू किया जाए। यदि केंद्र सरकार एमएसपी लागू करके  किसानों की मांग मान लेती है तो किसान आंदोलन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान हक की लड़ाई लड़ रहे हैं तथा वे पुलिस प्रशासन से डरने वाले नहीं हैं।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयसिंहपुरा खेड़ा बॉर्डर पर राजस्थान की सीमा में खड़े आरएसी के जवान।

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