फैक्ट्रियों ने बारिश के दौरान छोड़ा दूषित पानी, गाडपुर गांव में 50 बीघा में खड़ी बाजरा की फसल खराब होने की आशंका

SHARE:

NCRkhabar@Bhiwadi.भिवाड़ी की फैक्ट्रियों से दूषित पानी धारुहेड़ा में जाने से जिस तरह खेत बंजर हो रहे थे,  ठीक उसी तरह चौपानकी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित उद्योगों के दूषित पानी छोड़ने से गाडपुर व आसपास के गांवों की जमीन बंजर हो रही है। थोड़ी सी वर्षा होते ही उद्योगों से काला पानी छोड़ दिया जाता है और यह रीको के नाले से बहता हुआ गाड़पुर गांव के खेतों में चला जाता है। इससे ना सिर्फ भूजल दूषित हो रहा है बल्कि खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो रही है लेकिन प्रशासन जहरीला पानी छोड़ने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा है। गत बुधवार की रात हुई वर्षा के दौरान उद्योगों ने काला पानी छोड़ दिया और यह रीको के नाले से ओवरफ्लो होकर गाड़पुर गांव के खेतों व रास्तों पर भर गया। इससे ना सिर्फ आवागमन में परेशानी हो रही है बल्कि खेतों में खड़ी बाजरा की फसाल के खराब होने की आशंका बन गई है। यहां बता दें कि रीको ने चौपानकी औद्योगिक क्षेत्र से मुंडाना तक नाला बनाया हुआ है लेकिन गाडपुर गांव के मोड़ के पास नाले को सड़क के एक तरफ से दूसरे तरफ बना दिया गया है, जिससे नाला पालीथिन व गन्दगी से भरा होने के कारण ओवरफ्लो होकर बहने लगता है। गाडपुर गांव निवासी किसान कासम खान ने बताया कि गत बुधवार की रात वर्षा होने के साथ ही चौपानकी के उद्योगों ने काला पानी छोड़ दिया, जो नाले बहता हुआ उनके खेतों में भर गया है, जिससे पचास बीघा से अधिक भूमि पर खड़ी बाजरे की फसल डूब गई है और इसके खराब होने की आशंका पैदा हो गई है। किसान कासम खान ने बताया कि नाले की सफाई नहीं होने की वजह से चौपानकी औद्योगिक क्षेत्र का काला पानी गाड़पुर गांव के खेतों में भर गया है और पिछले पांच साल आए यह समस्या बनी हुई है। रबी की फसल के दौरान वर्षा होने पर खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल खराब हो जाती है। उन्होंने बताया कि गाड़पुर मोड़ से मुंडाना मोड़ तक सड़क के दोनों तरफ नाला बनाया जाए और उसकी नियमित सफाई करवाई जाए, जिससे औद्योगिक क्षेत्र का पानी नाले के जरिए मुंडाना चला जाए। इससे ना सिर्फ जलभराव की समस्या खत्म होगी बल्कि फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।

सीईटीपी बनने से हो सकता है समस्या का समाधान
चौपानकी व आसपास के उद्योगों का गंदा पानी शोधित करने के लिए मुंडाना गांव में कामन एफलुएन्ट ट्रीटमेन्ट प्लांट (सीईटीपी) बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए रीको ने  भूमि का आवंटन कर दिया है लेकिन उद्योगों की बेरुखी के कारण अभी तक सीईटीपी निर्माण का काम अभी तक शुरू नहीं पाया है। सीईटीपी के निर्माण व संचालन के लिए भिवाड़ी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री ने कहरानी ग्रीन ट्रीटर्स एसोसिएशन का गठन किया है, जिसकी सदस्यता सभी उद्योगों को लेनी है। इसके बावजूद उद्योग सदस्य्ता लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं और दो साल में  तेरह सौ में से 257 उद्योगों ने सदस्यता लिया है। इस कारण सीईटीपी का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
– चौपानकी औद्योगिक क्षेत्र से आने वाले नाले की सफाई करवाई गई है। अगर कहीं पर नाले में गंदगी है तो उसे साफ करवा दिया जाएगा। रीको के नाले में दूषित पानी छोड़ने वाले उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– गुरमीत सिंह, आरएम रीको यूनिट द्वितीय भिवाड़ी।

Leave a Comment

Our Visitor

1 2 2 4 2 0
Users Today : 480
Total Users : 122420
Views Today : 683
Views This Year : 30000
Total views : 202420
Read More