
NCRkhabar@Jaipur: राजस्थान सरकार (Rajasthan Govt. ) राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए कटिबद्ध है। हाल ही में हुए ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट (Rising Rajasthan Global Investment Summit) के बाद राज्य सरकार ने लॉजिस्टिक्स हब, नए औद्योगिक नोड्स और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नए लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से राज्य में निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि गत नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री ने जयपुर में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का उदघाटन किया था और इसमें 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर हुए थे।
नए औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान
उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा और रीको के मैनेजिंग डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने हाल ही में जयपुर के मांडा, फुलेरा (जो वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के पास है) और बिचून औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा किया और लॉजिस्टिक्स हब व औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से संबंधित परियोजनाओं के लिए इन क्षेत्रों में उपलब्ध विभिन्न भूखंडों की उपयुक्तता का आकलन किया। इसके अलावा बागावास गांव में लगभग 67 हेक्टेयर भूमि की उपयुक्तता पर भी विचार किया गया। प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार लगभग 200-250 हेक्टेयर जमीन चिन्हित करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा अधिकारियों ने मांडा औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार प्रस्तावित लैंड एग्रीगेशन पॉलिसी के तहत करने और बिचून औद्योगिक क्षेत्र के तेजी से विकास पर भी विचार किया।
नए लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से कारोबार के परिचालन में होगी आसानी
उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा ने कहा कि नए लॉजिस्टिक्स पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से कारोबार के परिचालन में आसानी होगी और व्यापार की लागत कम होगी। दौसा-बांदीकुई क्षेत्र (जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निकट है) और मांडा एक्सटेंशन (जो वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के निकट है) राज्य के दो औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिनमें विकास और विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। बांदीकुई और मांडा औद्योगिक क्षेत्रों में रीको सरकारी जमीन और एकत्रीकरण के जरिए ली गई निजी जमीनों पर निवेश और लॉजिस्टिक क्षेत्र विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार व्यापार करने में आसानी बढ़ाने और इन्वेस्टमेंट समिट के समय में हस्ताक्षरित निवेश प्रस्तावों (एमओयू) को परियोजनाओं में बदलने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों के एक दल ने कुछ ही दिनों पहले मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे के नजदीक स्थित दौसा-बांदीकुई औद्योगिक क्षेत्र का भी दौरा किया था, ताकि राज्य में एक नया निवेश क्षेत्र स्थापित करने के उपयुक्त भूखंडों की पहचान की जा सके। उद्योग विभाग और रीको के ये प्रयास ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दौरान किए गए वादों को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, ताकि राजस्थान का औद्योगिक विस्तार और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।






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