पथरेड़ी में उपचार के दौरान महिला के गर्भपात का आरोप, सीएमएचओ ने दिए जांच के आदेश

SHARE:

NCRkhabar@Bhiwadi. भिवाड़ी के पथरेड़ी औद्योगिक क्षेत्र (Pathredi Industrial Area) में अब्दुल्ला मार्केट के निकट एक क्लिनिक में गर्भवती महिला का कथित तौर पर उपचार के बाद गर्भपात हो गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अरविंद गेट ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि बंदापुर गांव निवासी डॉक्टर शमसु द्वारा दी गई दवा के सेवन के बाद तीन माह की गर्भवती साहिला का गर्भपात हुआ। वहीं चिकित्सक शम्सु ने पथरेड़ी निवासी उमर के खिलाफ बकाया रुपया मांगने पर मारपीट का मामला दर्ज करवाया है।
सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट ने चौपानकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. महेंद्र गुर्जर को इस पूरे मामले की गहन जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। पीड़ित परिवार ने डॉक्टर शमसु पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर की दवा खाने के बाद साहिला का गर्भपात हो गया। जब परिवार ने इस बारे में डॉक्टर से बात करने की कोशिश की, तो उसने कथित रूप से गाली-गलौज की और बाद में अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर जानलेवा हमला भी कर दिया।
घटना के बाद से आरोपी डॉक्टर का क्लिनिक बंद पाया गया है। हैरानी की बात यह है कि क्लिनिक पर न तो कोई बोर्ड लगा है और न ही डॉक्टर का मोबाइल नंबर कहीं अंकित है, जिससे उनसे संपर्क कर पाना मुश्किल हो रहा है। जांच अधिकारी डॉ. महेंद्र गुर्जर ने बताया कि क्लिनिक बंद होने के कारण अभी तक डॉक्टर से संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। डॉ. महेंद्र गुर्जर ने बताया कि मामले से जुड़े दोनों पक्षों को मंगलवार को मेडिकल रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ चौपानकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुलाया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपी डॉक्टर के पास क्लिनिक चलाने के लिए वैध डिग्री और आवश्यक योग्यता है या नहीं। इसके अतिरिक्त महिला की मेडिकल रिपोर्ट से गर्भपात के वास्तविक कारणों का भी पता चल सकेगा।

चौपानकी क्षेत्र में नीम हकीम बन गए खतरा-ए-जान

यह ध्यान देने योग्य है कि चौपानकी, पथरेड़ी, ग्वालदा और सारेकलां सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कथित नीम हकीमों का एक बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है। आरोप यह भी हैं कि ये झोलाछाप डॉक्टर भिवाड़ी और टपूकड़ा के निजी अस्पतालों के चिकित्सकों के बोर्ड लगाकर स्वयं मरीजों का इलाज करते हैं और स्थिति बिगड़ने पर उन्हें उन्हीं निजी अस्पतालों में रेफर कर देते हैं।
सीएमएचओ द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद से इस क्षेत्र में अवैध रूप से क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टरों में हड़कंप मचा हुआ है और वे कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सीएमएचओ की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

 

Leave a Comment

Our Visitor

4 5 7 2 7 0
Users Today : 24
Total Users : 4572707
Views Today : 26
Total views : 4592225
Read More