
NCRkhabar.com@Bhiwadi. भिवाड़ी के सूरज सिनेमा के पास एक कॉलोनी में रहने वाली झारखंड (Jharkhand) की एक महिला ने बिहार (Bihar) के वैशाली (Vaishali) जिले के रहने वाले प्रेमी के साथ मिलकर अपने दिव्यांग बेटे की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। भिवाड़ी थाना पुलिस (Bhiwadi Police Station) ने वारदात का खुलासा करते हुए महिला व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने दिव्यांग बच्चे की बीमारी व आर्थिक तंगी की वजह से हत्या करने की बात कही है।
एएसपी अतुल साहू (Atul Sahu, ASP) ने बताया कि गत दस जून को भिवाड़ी पुलिस थाने के पीछे औद्योगिक क्षेत्र स्थित फ्लोरीडा इलैक्ट्रीकल इण्डस्ट्रीज प्रा. लि. कम्पनी के पास बने नाले में छह से नौ साल की आयु के एक बच्चे का शव मिला था। पुलिस ने अज्ञात बच्चे के शव को फूली हुई अवस्था मे लोगों की मदद से नाले से बाहर निकलवाया। मृतक बच्चे के गले मे हरे रंग के कपडे से फंदा लगा हुआ पाया गया था। भिवाड़ी थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू किया।
एक हजार से अधिक मकानों की तलाशी लेकर पकड़े आरोपी
भिवाड़ी जिला स्पेशल टीम (DST) ने घटनास्थल के आसपास व अन्य स्थानो पर लगे सीसीटीवी फुटेज चैक कर एक संदिग्ध महिला व पुरुष की तलाश किया तो दोनों की लोकेशन सूरज सिनेमा भिवाडी के आसपास मिली। भिवाड़ी थाना पुलिस व डीएसटी ने सूरज सिनेमा के पास स्थित कॉलोनियों में तकरीबन एक हजार से ज्यादा मकानों का सर्वे किया गया तो सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिये हुलिये का एक व्यक्ति व महिला मिली। पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ किया तो वारदात का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि मृत बालक विक्रम बचपन से ही लम्बी बीमारी से ग्रसित होने की वजह से चलने फिरने में असमर्थ था तथा आर्थिक तंगी के चलते ईलाज करवाना संभव नहीं था। इस कारण परेशान होकर दोनों ने विक्रम की चुन्नी से गला घोटकर हत्या कर शव को गंदे नाले में फेंक दिया। भिवाड़ी थाना पुलिस ने झारखंड के गुमला जिला हाल रविंद्र कॉलोनी सूरज सिनेमा निवासी मुन्नी पत्नी पहरू व बिहार के वैशाली जिला हाल सूरज सिनेमा निवासी अरविंद कुमार यादव को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है।

डेढ़ माह से प्रेमी अरविंद के साथ रह रही थी मंजू
एएसपी अतुल साहू ने बताया कि आरोपी महिला मंजू डेढ़ माह से अपने प्रेमी अरविंद के साथ रविंद्र कॉलोनी में रह रही थी। मुन्नी पिछले तीन-चार साल से पति से अलग रह रही थी। मंजू ने डेढ़ माह पहले एक बार गलत नम्बर डायल कर दिया था, जिससे वह अरविंद के संपर्क में आ गई थी। अरविंद पिछले पंद्रह साल से भिवाड़ी में रहकर मजदूरी करता था और उसकी पत्नी व बच्चे बिहार में रहते हैं। मंजू का बेटा विक्रम दिव्यांग था और हाथ व पैर का उपयोग नहीं कर पाता था। आर्थिक तंगी के चलते वह बच्चे का उपचार नहीं करवा पा रहे थे। इसलिए उन्होंने बच्चे की हत्या की साजिश रची और गत छह अप्रैल को विक्रम को भिवाड़ी पुलिस थाने के नजदीक लेकर आए तथा सड़क पर मारने का प्रयास किया लेकिन कामयाब नहीं होने पर सुनसान स्थान पर हत्या कर शव को लाकर नाले में फेंक दिया था।







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