

Busienss@ncrkhabar.com@Jaipur.वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनी Honda Cars India ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र में औपचारिक रूप से कदम बढ़ा दिया है। कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल Honda 0 Series Alpha अब राजस्थान के टपूकड़ा स्थित संयंत्र में तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने मुख्यमंत्री कार्यालय में कंपनी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान इस ईवी मॉडल का अनावरण किया। कंपनी इसी वर्ष टपूकड़ा प्लांट में इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है। इससे राजस्थान, विशेष रूप से भिवाड़ी-टपूकड़ा औद्योगिक क्षेत्र, देश के उभरते इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनी द्वारा अपने पहले इलेक्ट्रिक वाहन के उत्पादन के लिए राजस्थान को चुनना राज्य के लिए गर्व की बात है। यह प्रदेश की प्रभावशाली निवेश नीतियों और उद्योगों के अनुकूल माहौल पर वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में जापान यात्रा के दौरान ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ की तैयारियों के तहत उन्होंने Honda Motor Company के शीर्ष प्रबंधन को प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के आह्वान के समर्थन में राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और निवेश के लिए आमंत्रित किया था। राज्य सरकार ने उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया था।

ग्रीन मोबिलिटी और रोजगार बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में हरित ऊर्जा और ग्रीन मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं और यहां इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन शुरू होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। टपूकड़ा संयंत्र को इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रमुख उत्पादन केंद्र बनाने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।

स्वच्छ परिवहन की दिशा में प्रभावशाली नीतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि Honda Cars India का राजस्थान से जुड़ाव काफी पुराना है। वर्ष 2007 में टपूकड़ा संयंत्र का शिलान्यास हुआ, 2014 में यहां वाहनों का उत्पादन शुरू हुआ और अब 2026 में कंपनी ने अपने पहले इलेक्ट्रिक वाहन के उत्पादन के लिए भी इसी संयंत्र को चुना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ईवी खरीद पर अनुदान, सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेश सुविधाएं और चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना जैसे कदम उठा रही है। साथ ही 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने और नए वाहन खरीदने पर ‘राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति’ के तहत छूट भी दी जा रही है।

कई देशों में होगा ईवी का निर्यात
बैठक के दौरान कंपनी ने भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार की अपनी योजनाएं भी साझा कीं। कंपनी के अनुसार टपूकड़ा संयंत्र में बनने वाले ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन घरेलू बाजार के साथ-साथ कई देशों में निर्यात किए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में होंडा की बड़ी एंट्री
दुनिया की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल Honda Motor Company लंबे समय से पेट्रोल और हाइब्रिड तकनीक में मजबूत उपस्थिति रखती है। अब कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बड़े निवेश के साथ आगे बढ़ रही है। टपूकड़ा संयंत्र में ईवी उत्पादन शुरू होने से भारत में कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति को गति मिलेगी। यहां निर्मित “मेड इन इंडिया” इलेक्ट्रिक कारें घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निर्यात की जाएंगी।
स्थानीय ऑटोमोबाइल उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा
टपूकड़ा और भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स उद्योग का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बड़ी संख्या में ऑटो कंपोनेंट निर्माता और सप्लायर कंपनियां काम कर रही हैं। Honda Cars India द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन शुरू करने से स्थानीय ऑटो पार्ट्स कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। ईवी निर्माण के लिए बैटरी कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, केबलिंग, मोटर पार्ट्स और हल्के ऑटो पार्ट्स की मांग बढ़ेगी। इससे क्षेत्र में मौजूद छोटे और मध्यम उद्योगों को भी अपने कारोबार का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ईवी उत्पादन शुरू होने से क्षेत्र में नई सप्लाई चेन विकसित होगी और कई नई ऑटो कंपोनेंट कंपनियां भी निवेश के लिए आकर्षित हो सकती हैं।

2007 में टपूकड़ा में हुआ था होंडा संयंत्र का शिलान्यास
Honda Cars India का राजस्थान से जुड़ाव करीब दो दशक पुराना है। वर्ष 2007 में टपूकड़ा संयंत्र का शिलान्यास हुआ था और 2014 में यहां कारों का उत्पादन शुरू हुआ। अब कंपनी ने अपने पहले इलेक्ट्रिक वाहन के उत्पादन के लिए भी इसी संयंत्र को चुना है। कंपनी के प्रेसिडेंट और सीईओ Takashi Nakajima ने बताया कि टपूकड़ा प्लांट भारत में कंपनी का प्रमुख उत्पादन केंद्र है और यहां से देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भी वाहनों और पुर्जों का निर्माण किया जाता है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में यह कदम कंपनी और क्षेत्रीय उद्योग दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।



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