NCR Health Story : क्या दांतों की स्केलिंग से कमजोर होते हैं दांत? जानें 7 सवालों के जवाब

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Written by Dr. Samiksha Wali, BDS

Founder, Simply Dental

📍 Gaur City 2, Greater Noida West

@ NCRKHABAR । दांतों की सफाई यानी स्केलिंग को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां हैं। कुछ लोगों को लगता है कि स्केलिंग कराने से दांत कमजोर हो जाते हैं, दांतों के बीच जगह बढ़ जाती है या उनमें झनझनाहट होने लगती है। जबकि सही तरीके से की गई स्केलिंग दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है। दंत चिकित्सक डॉ. समीक्षा वली (बीडीएस) के अनुसार, दांतों पर जमा पथरी को हटाने के लिए स्केलिंग की जाती है। आइए जानते हैं दांतों की सफाई से जुड़े सात आम सवालों के जवाब

1. क्या स्केलिंग से दांत कमजोर हो जाते हैं?

नहीं, सही तरीके से की गई स्केलिंग से दांत कमजोर नहीं होते। इस प्रक्रिया में दांतों पर जमी पथरी और प्लाक को हटाया जाता है। इससे मसूड़ों को स्वस्थ रखने और मसूड़ों की बीमारी के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।

2. क्या स्केलिंग से दांतों के बीच जगह बढ़ जाती है?

स्केलिंग के बाद दांतों के बीच खाली जगह पहले से अधिक दिखाई दे सकती है। इसका कारण अक्सर दांतों के बीच जमा पथरी का हटना होता है। स्केलिंग आमतौर पर नई जगह नहीं बनाती, बल्कि पहले से मौजूद जगह को स्पष्ट कर सकती है।

3. क्या स्केलिंग के बाद दांत हिलने लगते हैं?

यदि मसूड़ों की बीमारी के कारण दांतों को सहारा देने वाली हड्डी और ऊतक पहले से कमजोर हो चुके हैं, तो दांत हिल सकते हैं। पथरी हटने के बाद यह समस्या अधिक स्पष्ट महसूस हो सकती है। ऐसे में दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।

4. क्या स्केलिंग से दांतों का इनेमल खराब होता है?

दांतों की सबसे बाहरी परत को इनेमल कहते हैं। प्रशिक्षित दंत चिकित्सक द्वारा सही तरीके से की गई स्केलिंग से सामान्यतः इनेमल को नुकसान नहीं पहुंचता। घर पर किसी नुकीली वस्तु से दांतों की पथरी हटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे दांतों और मसूड़ों को चोट लग सकती है।

5. क्या स्केलिंग से दांत पूरी तरह सफेद हो जाते हैं?

स्केलिंग से दांतों पर जमा पथरी और बाहरी दाग हट सकते हैं, जिससे दांत साफ दिखाई देने लगते हैं। हालांकि, इससे दांतों का प्राकृतिक रंग नहीं बदलता। यदि दांतों को अधिक सफेद करना है, तो दंत चिकित्सक से अन्य विकल्पों के बारे में सलाह ली जा सकती है।

6. क्या स्केलिंग के बाद ठंडा-गरम लगना नुकसान की निशानी है?

स्केलिंग के बाद कुछ लोगों को ठंडा या गर्म खाने-पीने पर अस्थायी झनझनाहट महसूस हो सकती है। यह परेशानी अक्सर कुछ समय में कम हो जाती है। यदि संवेदनशीलता अधिक हो, लंबे समय तक बनी रहे या दर्द होने लगे, तो दंत चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।

7. क्या रोज ब्रश करने से स्केलिंग की जरूरत नहीं पड़ती?

दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करने और दांतों के बीच की सफाई करने से प्लाक जमा होने का खतरा कम होता है। लेकिन एक बार पथरी जम जाने पर उसे सामान्य ब्रश से हटाना मुश्किल होता है। इसके लिए पेशेवर सफाई की जरूरत पड़ सकती है। स्केलिंग कितनी बार करानी चाहिए, यह व्यक्ति के मसूड़ों की स्थिति और पथरी जमने की प्रवृत्ति पर निर्भर करता है।

दांतों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से ब्रश करें, दांतों के बीच की सफाई करें और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच करवाएं। स्केलिंग की जरूरत होने पर अनावश्यक डर के कारण इसे टालने से बचें। सही समय पर दांतों की सफाई कराने से मसूड़ों की बीमारी को नियंत्रित करने और मुंह की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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