NCRkhabar.com@bhiwadi. अरावली की गोद मे बसे खैरथल-तिजारा (Khairthal-Tijara) जिले के किशनगढ़बास उपखंड के धमूकड़ गांव में आयोजित तीन रोज़ा तब्लीगी जलसे का रविवार सुबह दुआ मांगने के साथ ही समापन हो गया। जलसे में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों लोग धमूकड़ पहुंचे। तबलीगी जमात ( Tabligi Jamat) के अमीर मौलाना मुहम्मद शाद ने जलसे ( Jalsa) में खिताब करते हुए लोगों को बुराईयों से दूर रहने व अल्लाह के बताए रास्ते पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि जमात में शामिल होकर वापस जाने वाले लोग मुल्क व कौम की खिदमत के लिए काम करके इंसानियत की मिसाल कायम करें। मौलाना शाद ने रविवार सुबह दुआ मांगना शुरू किया तो लाखों लोगों ने मुल्क में अमन-चैन, सलामती व कौम की तरक्की के लिए अल्लाह की बारगाह में दोनों हाथ उठाकर दुआ मांगी। इस दौरान अरावली की पहाड़ी में बसे धमूकड़ गांव का नज़ारा काफी खूबसूरत दिखाई दे रहा था औऱ अवाम का सैलाब चारों तरफ था।। रविवार सुबह दुआ में शामिल होने के लिए राजस्थान (Rajasthan) व हरियाणा (Haryana) के अलावा दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) से भी हजारों लोग पहुंचे। जलसे में जाने वाले रास्तों पर चारों तरफ से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। आलम यह था कि लोग तकरीबन तीन-चार किमी दूर पहले मोठूका व अन्य स्थानों पर गाड़ियां खड़ी करके लोग पहाड़ी रास्ते से होकर जलसे में शरीक हुए। मर्द-औरत, जवान, बच्चे व बूढ़े सबको दुआ में शामिल होने की जल्दी थी। दिल्ली मरकज से आये मौलाना शाद ने दुआ मांगना शुरू किया तो कई लोग जलसे से पहले ही खेतों में बैठकर दुआ मांगने लगे।

भिवाड़ी से भी पहुंचे हजारों लोग
जलसे में शामिल होने के लिए भिवाड़ी व आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग धमूकड़ पहुंचे। जलसे की शुरुआत से दुआ मांगने के बाद ही वापस अपने घरों के लिए रवाना हुए। रविवार सुबह भी दुआ में शामिल होने के लिए एडवोकेट शाहिद हुसैन, यूसुफ खान (JEN Discom), हमीद खान ( Ayan Traders Tapukada), इस्लामुद्दीन, आसिफ खान (Zara Garments Kahrani, अरशद खान, जमशेद खान, साहुन खान चौपानकी, हनीफ सरपंच बन्दापुर सहित बड़ी संख्या में लोग धमूकड़ पहुंचे और अमन चैन व सलामती की दुआ मांगी।

जलसे में लाखों की भीड़ लेकिन नहीं पड़ी पुलिस की जरुरत
आमतौर पर बड़े कार्यक्रमों व सभाओं में भीड़ की नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाता है लेकिन धमूकड़ जलसे में दूर-दूर तक पुलिस दिखाई नहीं दी। कई दिन पहले से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की बैठक होती है और भीड़ के अनुसार पुलिस व अन्य सुरक्षा बलों के अधिकारियों व जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है लेकिन धमूकड़ में पुलिस की ज़रुरत नहीं पड़ी। बिना किसी सुरक्षा इंतज़ाम के लाखों लोग के जलसे में शरीक होने व सुरक्षित वापस लौट जाने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है।



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