भिवाड़ी में मारपीट के मामले ने पकड़ा तूल, दोनों पक्षों ने पुलिस अधीक्षक से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

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Crime@ncrkhabar.com/Bhiwadi. कस्बे के अलवर बाईपास (Alwar Bypass) स्थित एमवीएल सोसायटी (MVL Society) के बाहर दो पक्षों में हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद अब दोनों ही पक्षों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। एक पक्ष ने पुलिस पर पक्षपात करने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने कहा है कि पूरे मामले को झूठे आरोप लगाकर गलत दिशा देने की कोशिश की जा रही है। इस विवाद से इलाके में तनाव का माहौल है और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

एमवीएल सोसायटी पक्ष का आरोप

एमवीएल कोरल सोसायटी, सैदपुर निवासी प्रीति छौंकर और उनके पति वीरेन्द्र छौंकर ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि 10 अगस्त की शाम स्कॉर्पियो सवार नशे में धुत युवकों ने सोसायटी गेट पर उनकी गाड़ी का पीछा करते हुए प्रीति के साथ अश्लील हरकतें कीं और लज्जा भंग करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने वीरेन्द्र के साथ मारपीट भी की। मौके पर एकत्रित भीड़ ने स्कॉर्पियो सवारों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उल्टा वीरेन्द्र को ही गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जमानत आदेश होने के बावजूद भी उन्हें रिहा नहीं किया गया और थाने में बुरी तरह पीटा गया। इतना ही नहीं, पुलिस ने वीरेन्द्र को थाने में पैदल चलाकर जुलूस की तरह पेश किया। सोसायटीवासियों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि थाना भिवाड़ी के इस रवैये से महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं और आमजन में भय का माहौल है।

इधर खानपुर गांव में 36 बिरादरी की पंचायत बुलाई गई, जिसमें खिजुरीवास, सींथल, थड़ा, धारूहेड़ा सहित कई गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। पंचायत में लोगों ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे लेजेंडा मॉल के पास मामूली सी गाड़ियों की भिड़ंत हुई थी। इसके बाद वीरेन्द्र छोकर ने करीब 15-20 लोगों को बुलाकर रविन्द्र, महेन्द्र और मोहित शर्मा पर जानलेवा हमला किया, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए और अब भी जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हमले के कई घंटे बाद मामले को नया रूप देने के लिए महिला से छेड़छाड़ और बदसलूकी के झूठे आरोप लगाए गए, जबकि किसी भी सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा। ग्रामीणों ने  पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।

 

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