

ncrkhabar@Bhiwadi/New Delhi. चिकित्सा जगत में एक असाधारण उपलब्धि दर्ज करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका, के डॉक्टरों ने 25 वर्षीय गर्भवती महिला से बास्केटबॉल के आकार का ओवेरियन ट्यूमर सफलतापूर्वक हटाया। यह सर्जरी गर्भावस्था के दौरान की गई, जो बेहद जोखिमपूर्ण थी। ऑपरेशन के बाद महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया और मां-बेटे दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
भिवाड़ी निवासी 25 वर्षीय अनामिका झा, जो पहली बार गर्भवती थीं, उनके रूटीन अल्ट्रासाउंड में पेट में असामान्य रूप से बड़े मास का पता चला। शुरुआती जांच में ओवेरियन कैंसर का संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें मैक्स हॉस्पिटल, द्वारका, रेफर किया गया। चुनौती यह थी कि ट्यूमर को हटाते समय गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी थी। अस्पताल की गायनी सर्जिकल ऑन्कोलॉजी टीम ने रिस्क लेते हुए ऑपरेशन किया और प्रभावित ओवरी व फैलोपियन ट्यूब के साथ बास्केटबॉल आकार का ट्यूमर निकाल दिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान गर्भावस्था सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं। सर्जरी का नेतृत्व कंसल्टेंट डॉ. सरिता कुमारी ने किया। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान इतना बड़ा ओवेरियन ट्यूमर मिलना बेहद असामान्य है और इसे निकालना उच्च स्तरीय तकनीक व टीमवर्क की मांग करता है। उन्होंने कहा, “गर्भावस्था में कैंसर का पता चलना परिवार के लिए तनावपूर्ण होता है, लेकिन समय पर डायग्नोसिस और सही इलाज से मां और शिशु दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।” ऑपरेशन के तीन दिन बाद ही महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया। फाइनल पैथोलॉजी रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि यह सारकोमा था, जो केवल ओवरी तक सीमित था और शरीर में कहीं फैला नहीं था। नियमित मॉनिटरिंग और इलाज के बाद महिला ने फुल टर्म पर एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। डॉ. सरिता ने बताया कि मेलिग्नेंट ओवेरियन ट्यूमर गर्भावस्था के लगभग 10 हजार मामलों में से केवल 1 में पाया जाता है। वहीं ओवरी का सारकोमा तो और भी दुर्लभ है। ऐसे मामलों में शुरुआती पहचान और समय पर इलाज ही मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।इस उल्लेखनीय सफलता ने यह साबित कर दिया है कि एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीमवर्क की बदौलत सबसे जटिल और हाई-रिस्क केसों को भी सफलतापूर्वक मैनेज किया जा सकता है।


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