नौकरी से उद्यमिता तक: सीएमटी ग्रुप के निदेशक सुशील राजपूत की 25 साल की मेहनत ने बनाया 120 करोड़ का साम्राज्य

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Business@ncrkhabar.com-Bhiwadi.=उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक साधारण युवा से लेकर देश की नामचीन ऑटोमोबाइल कंपनियों के सप्लाई चेन पार्टनर बनने तक का सफर सुशील राजपूत की संघर्ष, दूरदर्शिता और जुनून की मिसाल है। नौकरी छोड़कर खुद का उद्योग खड़ा करने का सपना लेकर निकले सुशील आज सीएमटी ग्रुप के माध्यम से सैकड़ों लोगों को रोजगार दे रहे हैं और 120 करोड़ रुपए के टर्नओवर तक कंपनी को पहुंचा चुके हैं।

संघर्ष और शुरुआत से हासिल किया मुकाम 

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मूल निवासी सुशील राजपूत ने पढ़ाई पूरी करने के बाद एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी शुरू की। नौकरी के दौरान ही उनके मन में खुद का उद्योग स्थापित करने का विचार पनपने लगा। करीब सात-आठ साल का अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने 1992 में उद्योग स्थापित करने का निश्चय किया। 1999 में मनोज राजपूत के साथ मिलकर पार्टनरशिप फर्म शुरू की और आधुनिक मशीनरी (सीएनसी मशीनें) लगाकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और बेहतर सर्विस की दिशा में कदम बढ़ाए।

 

CMT ग्रुप ने बनाई मजबूत पहचान

साल 2000 में केवल छह लोगों के साथ सीएमटी ग्रुप की नींव रखी गई। लगातार मेहनत और गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए कंपनी ने 2006 तक ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी साख मजबूत कर ली। 2007 में भिवाड़ी और चौपानकी में नई यूनिट्स स्थापित की गईं, जिनमें फोर्जिंग और मशीनिंग यूनिट शामिल थीं। इससे कंपनी ग्राहकों को भरोसेमंद और किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता के पार्ट्स उपलब्ध कराने लगी।

 

अधिग्रहण और विस्तार

 

2014 में सुशील राजपूत ने चौपानकी की पावर फोर्ज इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण कर रुग्ण इकाई को फिर से खड़ा किया और ग्राहकों का विश्वास जीता। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात शुरू किया।

 

ईवी सेक्टर में रखा कदम

 

विकास की नई राह चुनते हुए 2021 में सीएमटी ग्रुप ने ईवी सेक्टर में कदम रखा और पथरेड़ी स्थित होंगजैंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की अचल संपत्ति व यूटिलिटी खरीदकर डीएमटी हाइड्रो रिसर्च एंड डेवलपमेंट की स्थापना की। वहीं 2024 में पावर फोर्ज प्राइवेट लिमिटेड की क्षमता को 12 हजार टन प्रति वर्ष तक बढ़ाया गया।

निरंतर सुधार, गुणवत्ता पर फोकस और टीम वर्क  सफलता की कुंजी

 

आज सीएमटी ग्रुप 250 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है और 120 करोड़ रुपए के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। कंपनी न केवल देश की नामचीन ऑटोमोबाइल कंपनियों की सप्लाई चेन का हिस्सा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। सुशील राजपूत कहते हैं कि निरंतर सुधार, गुणवत्ता पर फोकस और टीम वर्क ही सफलता की कुंजी है। आने वाले वर्षों में कंपनी नए तकनीकी मानकों को अपनाकर और विस्तार की ओर कदम बढ़ा रही है।

 

 

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