

ncrkhabar@Jaipur/Bhiwadi. राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार ठोस और समन्वित कदम उठा रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि तकनीकी सुदृढ़ता, विभागीय समन्वय और आमजन की जागरूकता से ही साइबर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव सोमवार को साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में संचालित साइबर सेल की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं में भी साइबर सेल शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी जांच और साइबर अपराधों की विवेचना को और मजबूत किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए साइबर अपराधों को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके साथ ही आमजन को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में साइबर हेल्पडेस्क भी संचालित की जा रही हैं। मुख्य सचिव ने इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने बैंकों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, संदिग्ध बैंक खातों की निरंतर निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के उपयोग और डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं और आम नागरिकों को सतर्क करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैठक में गृह विभाग, पुलिस विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, वित्त विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



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