NCRkhabar@Bhiwadi. भिवाड़ी की आम जनता को प्रदूषण मुक्त वातावरण मिल सके एवं उद्योगों में सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देकर सुगम संचालन की राह को आसान किया जा सके, इस दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल भिवाड़ी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि भिवाड़ी ना केवल राज्य के लिए बल्कि सम्पूर्ण देश में एक महत्वपूर्ण आद्योगिक नगरी है। यहाँ लम्बे समय से जल प्रदूषण की समस्या सामने आ रही थी जिसको ध्यान में रखते हुए राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा गंभीरता से लिया जाकर प्रयास किये जा रहे है।
![]()
सीईटीपी को किया अपग्रेड, 6 एमएलडी तक शोधित कर सकेंगे गंदा पानी
अमित ने बताया कि वर्तमान सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके तहत सीईटीपी को 6 एम एल डी क्षमता के जेडएलडी में रूपांतरित किया जायेगा। इस प्लांट में औद्योगिक इकाइयों के निकलने वाला ख़राब पानी को शोधित कर वापस औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचा कर पुनरुपयोग सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्य के लिए भिवाड़ीआद्योगिक क्षेत्र में 60 किलोमीटर की लाइन गंदे पानी को लाने तथा 100 किलोमीटर की लाइन उपचारित पानी को पुनः सप्लाई के लिए बिछाई गई है। इसमें पूर्व में 220 इकाइयां जुडी हुई थी, वहीं अब मंडल एवं प्रशासन के संयुक्त एवं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप लगभग कुल 500 इकाइयां जुड़ चुकी है साथ शेष इकाइयों को जोड़ने का कार्य एवं निगरानी सतत रूप से की जा रही है। वहीं शेष संचालित औद्योगिक इकाइयों को जोड़ा जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीईटीपी लाइन से जुड़ने के लिए औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने का काम भी वृहद स्तर पर पर किया जा रहा है वहीं उक्त कार्य के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा 16 निगरानी दलों का निर्धारण किया गया है। अब सीईटीपी के जरिये अपशिष्ट उपचार लागत कम होगी, साथ ही बेहतर सामूहिक अपशिष्ट उपचार प्रदान करने और एमएसएमई औद्योगिक ईकाइयों के लिए लागत को कम करने में भी मदद मिलेगी। वही ऐसी इकाइयां जो व्यक्तिगत उपचार संयंत्रों की स्थापना एवं संचालन का खर्च वहन नहीं कर सकती उन्हें भी अपशिष्ट उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

इसी के साथ शहरी सीवेज लाइन तथा उपचार संयंत्रों के रखरखाव तथा संचालन को भी सुधारा गया है। वही राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा नगर परिषद् एवं बीडा को एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की कार्यप्रणाली में सुधार करने एवं सीवर लाइन में रुकावटों को सुपर सकर मशीन द्वारा साफ़ करने के लिए निर्देशित किया गया था। वर्तमान में 4 एमएलडी का एसटीपी प्लांट बीडा के द्वारा एवं 9.5 एमएलडी के एसटीपी प्लांट नगर निगम भिवाड़ी द्वारा सुचारु रूप से संचालित किये जा रहे है। इसी के साथ बीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में अधिक एसटीपी स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे आवासीय क्षेत्र से उत्पन्न घरेलू अपशिष्ट जल और खुले नालों में न जाये।

नगर परिषद बनाएगा 32 एमएलडी क्षमता का एसटीपी
अमृत योजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत नगर परिषद् द्वारा शहर में अतिरिक्त सीवर लाइन बिछाने तथा 32 एम एल डी क्षमता का नया उपचार संयंत्र की योजना भी अनुमोदित करवाई गई है एवं इसका कार्य शीघ्र शुरू किया जावेगा। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुसार बीड़ा (भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथॉरिटी) एवं स्थानीय प्रशासन के साथ संयक्त प्रयास के जरिए घरेलु एवं बारिश के जलभराव की समस्या से भी भिवाड़ी को शीघ्र ही मुक्त किया जायेगा, जिसके लिए कार्य योजना तैयार की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है भिवाड़ी राज्य का एक वृहद एवं महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है एवं राज्य की अर्थव्यवस्था में भी भिवाड़ी का महत्वपूर्ण योगदान है न केवल स्थानीय बल्कि देशी विदेशी उद्योगों ने भी भिवाड़ी को औद्योगिक नगरी के रूप में एक नए आयाम देने का कार्य किया है ऐसे में प्रदूषण मुक्त भिवाड़ी की संकल्पना को साकार करने के लिए राज्य सरकार एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा अभूतपूर्ण प्रयास प्राथमिकता से किये जा रहे हैं।

Post Views: 998
Users Today : 230
Total Users : 4563344
Views Today : 292
Total views : 4579682



