
NCRkhabar@Jaipur. राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से शनिवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने न सिर्फ लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय कार्यप्रणालियों पर गहन चर्चा की बल्कि राजस्थान विधानसभा के भवन, सदन, संग्रहालय और कांस्टीट्यूशनल क्लब का अवलोकन भी किया। महाना ने गुलाबी नगर की तरह ही गुलाबी रंग में रचे बसे विधानसभा भवन की भव्य स्थापत्य कला, डिजिटल म्यूजियम और पेपरलेस कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे देश की विधानसभाओं के लिए आदर्श बताया।
संसदीय कार्यप्रणाली और चुनौतियों पर चर्चा
बैठक में दोनों अध्यक्षों ने संसदीय कार्य प्रणाली, लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती, विधायिका की चुनौतियों और उसकी प्रभावी भूमिका पर विचार-विमर्श किया। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने महाना को राजस्थान विधानसभा की विशेषताओं और यहां अपनाए गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सदन अब पूरी तरह ऑनलाइन एवं पेपरलेस हो चुका है और पारदर्शी कार्यशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नवाचारों और संग्रहालय की सराहना
सतीश महाना ने विधानसभा भवन की अनूठी स्थापत्य संरचना, पेपरलेस कार्यप्रणाली और यहां विकसित की गई आधुनिक व्यवस्थाओं को करीब से देखा। उन्होंने विधानसभा संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां संसदीय धरोहर, संविधानिक इतिहास और राजस्थान की लोकतांत्रिक परंपराओं से जुड़ी दुर्लभ सामग्री प्रदर्शित की गई है। महाना ने इसे संसदीय धरोहरों को संरक्षित करने की एक सराहनीय पहल बताया।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए अनुभव साझा करना जरूरी
दोनों अध्यक्षों ने माना कि लोकतंत्र को और सशक्त बनाने के लिए विधानसभाओं के अनुभवों का साझा करना आवश्यक है। उन्होंने विधान मंडलों के बीच आपसी सहयोग और संवाद को और प्रगाढ़ करने पर जोर दिया।
भारतीय परंपराओं का संवर्धन
देवनानी ने महाना को विधानसभा में किए जा रहे विशेष नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा में भारतीय नववर्ष के अनुसार वार्षिक डायरी प्रकाशित की जाती है। कारगिल शौर्य वाटिका का निर्माण, राजनीतिक आख्यान संग्रहालय, महापुरुषों व क्रांतियों से जुड़ी जानकारी, तथा संवैधानिक दीर्घा जैसे नवाचार भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं के संवर्धन की दिशा में अहम कदम हैं।
क्लब और सभागारों का अवलोकन
देवनानी ने महाना को विधानसभा स्थित कांस्टीट्यूशनल क्लब का अवलोकन भी कराया। उन्होंने बताया कि क्लब के विभिन्न सभागारों का नामकरण भारतीय शब्दों के आधार पर किया गया है, जिससे भारतीयता की झलक मिलती है। भेंट के समापन पर देवनानी ने महाना का पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह, दुपट्टा और शाल भेंट कर सम्मान किया।

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