

ncrkhabar@Jaipur/Bhiwadi. राजस्थान में चुनावी सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंचायती राज और शहरी निकायों के परिसीमन व पुनर्गठन से जुड़ी मंत्रियों की सब कमेटियों की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से राज्य अब तेजी से ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ (One State One Election) की ओर बढ़ेगा।
क्या है वन स्टेट वन इलेक्शन
इस व्यवस्था के तहत राजस्थान में पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे चुनावी खर्च कम होगा, प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी और जनता को बार-बार चुनावी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा निर्णय
- पंचायत और नगर निकायों के चुनाव अब एक साथ कराने की तैयारी
- चुनावी खर्च में बड़ी कटौती होगी
- विकास कार्यों में रुकावट कम होगी
- लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती मिलेगी
केंद्र की ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ नीति से मेल
राजस्थान सरकार का यह कदम सीधे तौर पर केंद्र सरकार की ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पहल से जुड़ता है। केंद्र लंबे समय से लोकसभा, विधानसभा और निकाय चुनाव एक साथ कराने पर काम कर रहा है। ऐसे में राजस्थान का यह निर्णय देशभर में एक मॉडल के रूप में देखा जा सकता है। अब संबंधित विभाग सब कमेटियों की सिफारिशों पर विस्तृत कार्ययोजना बनाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से राजनीतिक स्थिरता, विकास कार्यों में तेजी और जनहित में पारदर्शिता आएगी।
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