

ऑनलाइन कार्यशालाओं में साइबर सुरक्षा, पोक्सो एक्ट, महिला हेल्पलाइन 1090 और राजकॉप सिटिजन ऐप की दी गई जानकारी
ncrkhabar@Bhiwadi/Khairthal-Tijara. राजस्थान पुलिस के महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत पुलिस जिला भिवाड़ी और खैरथल-तिजारा में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में ऑनलाइन कार्यशालाओं का आयोजन कर 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, पोक्सो एक्ट, नए आपराधिक कानूनों और सरकारी सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर पीड़िताओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय (आईपीएस) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमन लाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोर कुमार बुटोलिया (एसआईयूसीएडब्ल्यू सेल) तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह के नेतृत्व में अभियान का संचालन किया गया। अभियान के तहत भिवाड़ी जिले के 36 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 5,167 छात्र-छात्राओं तथा खैरथल-तिजारा जिले के 23 शिक्षण संस्थानों के 7,210 छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को राजकॉप सिटिजन ऐप, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930, महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर सुरक्षा के उपाय और ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशालाओं में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को पोक्सो एक्ट, नवीन न्याय संहिता के तहत महिला अपराधों में मिलने वाली सजा, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, वन स्टॉप सेंटर, महिला बीट अधिकारी योजना, गुड टच-बैड टच तथा आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से भी अवगत कराया। विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने, अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर महिला अपराधों के मामलों में बेहतर समन्वय और पीड़िताओं को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के उपायों पर भी चर्चा की गई। जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय ने आमजन से अपील की है कि महिला अपराध या उत्पीड़न से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना बिना देरी महिला हेल्पलाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी पुलिस थाने में दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।


Users Today : 46
Total Users : 4563160
Views Today : 50
Total views : 4579440


