
ncrkhabar@Bhiwadi. राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की घोषणा के तहत राजस्थान ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) पॉलिसी-2024 के अंतर्गत संचालित मार्जिन मनी योजना और तकनीकी अधिग्रहण योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब केवल नई इकाइयों ही नहीं, बल्कि मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के विस्तार को भी अनुदान का लाभ मिलेगा। यह संशोधित व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। उपायुक्त उद्योग ऋचा शर्मा ने बताया कि नई एवं मौजूदा सूक्ष्म इकाइयों को पात्र परियोजना लागत का 25 प्रतिशत (अधिकतम 15 लाख रुपये) तथा नई एवं मौजूदा लघु इकाइयों को 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 लाख रुपये) तक मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला उद्यमियों, दिव्यांगजन और 35 वर्ष से कम आयु के युवा उद्यमियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत (अधिकतम 5 लाख रुपये) अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों के विस्तार के लिए पात्र परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। सूक्ष्म इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये और लघु इकाइयों के लिए 20 लाख रुपये निर्धारित की गई है। मार्जिन मनी योजना के आवेदनों का मूल्यांकन जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक स्तर पर किया जाएगा।
तकनीकी अधिग्रहण योजना में मिली राहत
राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की घोषणा के तहत राजस्थान ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) पॉलिसी-2024 के अंतर्गत संचालित मार्जिन मनी योजना और तकनीकी अधिग्रहण योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब केवल नई इकाइयों ही नहीं, बल्कि मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के विस्तार को भी अनुदान का लाभ मिलेगा। यह संशोधित व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
उपायुक्त उद्योग ऋचा शर्मा ने बताया कि नई एवं मौजूदा सूक्ष्म इकाइयों को पात्र परियोजना लागत का 25 प्रतिशत (अधिकतम 15 लाख रुपये) तथा नई एवं मौजूदा लघु इकाइयों को 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 लाख रुपये) तक मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला उद्यमियों, दिव्यांगजन और 35 वर्ष से कम आयु के युवा उद्यमियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत (अधिकतम 5 लाख रुपये) अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों के विस्तार के लिए पात्र परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। सूक्ष्म इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये और लघु इकाइयों के लिए 20 लाख रुपये निर्धारित की गई है। मार्जिन मनी योजना के आवेदनों का मूल्यांकन जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक स्तर पर किया जाएगा।
तकनीकी अधिग्रहण योजना में भी उद्यमियों को बड़ी राहत दी गई है। पहले यह सुविधा केवल भारत सरकार और राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित संस्थानों से प्राप्त तकनीक एवं सॉफ्टवेयर तक सीमित थी, लेकिन अब घरेलू और विदेशी कंपनियों तथा संस्थाओं से प्राप्त नवीनतम तकनीक, सॉफ्टवेयर और मशीनरी पर भी सहायता उपलब्ध होगी। योजना के तहत ओडीओपी सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को तकनीक, सॉफ्टवेयर अथवा मशीनरी के अधिग्रहण पर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये प्रति इकाई निर्धारित की गई है।
राज्य सरकार ने आवेदन स्वीकृति प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति के स्थान पर अब जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक स्तर पर ही स्वीकृतियां जारी की जा सकेंगी। साथ ही 1 मार्च 2026 से आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे उद्यमियों को योजनाओं का लाभ लेने में अधिक सुविधा और पारदर्शिता मिलेगी।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को विस्तार, आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन में मदद मिलेगी तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। अधिग्रहण योजना में भी उद्यमियों को बड़ी राहत दी गई है। पहले यह सुविधा केवल भारत सरकार और राजस्थान सरकार द्वारा स्थापित संस्थानों से प्राप्त तकनीक एवं सॉफ्टवेयर तक सीमित थी, लेकिन अब घरेलू और विदेशी कंपनियों तथा संस्थाओं से प्राप्त नवीनतम तकनीक, सॉफ्टवेयर और मशीनरी पर भी सहायता उपलब्ध होगी। योजना के तहत ओडीओपी सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को तकनीक, सॉफ्टवेयर अथवा मशीनरी के अधिग्रहण पर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये प्रति इकाई निर्धारित की गई है। राज्य सरकार ने आवेदन स्वीकृति प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति के स्थान पर अब जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक स्तर पर ही स्वीकृतियां जारी की जा सकेंगी। साथ ही 1 मार्च 2026 से आवेदन प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे उद्यमियों को योजनाओं का लाभ लेने में अधिक सुविधा और पारदर्शिता मिलेगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को विस्तार, आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन में मदद मिलेगी तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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