
pNcrkhabar@Panchkula/Bhiwadi.तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। हिमाचल प्रदेश में बाड़ेबंदी के बाद तिजारा लौट रहे कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को रविवार रात पंचकूला टोल प्लाजा के पास रोके जाने का कांग्रेस ने आरोप लगाया है। घटना के बाद कांग्रेस नेता इमरान खान के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और पार्षद पिंजौर पुलिस थाने के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेता इमरान खान के अनुसार, रविवार रात पार्षदों को रोके जाने की जानकारी मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे। वहां कांग्रेस पार्षदों को लेकर जा रही गाड़ियां पंचकूला टोल प्लाजा के पास खड़ी मिलीं, जबकि पार्षदों को मोरनी हिल्स स्थित एक रिसॉर्ट में ले जाने की जानकारी मिली। इमरान खान का कहना है कि उन्होंने पुलिस से पार्षदों के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
इमरान खान ने बताया कि पार्षदों के साथ आए एक युवक ने उन्हें मोबाइल लोकेशन भेजी, जिससे पार्षदों के मोरनी हिल्स में होने का पता चला। हालांकि, बाद में पार्षदों को वहां से भी किसी अन्य स्थान पर भेज दिए जाने की बात सामने आई।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पार्षदों को हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों और बाउंसरों की मौजूदगी में ले जाया गया तथा उनके वाहनों को भी थाने में खड़ा करा दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि पूरी कार्रवाई का उद्देश्य सोमवार को होने वाले तिजारा नगर परिषद सभापति चुनाव में कांग्रेस पार्षदों को मतदान से दूर रखना है।
घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिंजौर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पार्षदों को तत्काल सामने लाने और उन्हें चुनाव में मतदान की अनुमति देने की मांग की है।
सोमवार को तिजारा नगर परिषद के सभापति पद के लिए मतदान होना है। चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने तिजारा की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


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