
ncrkhabar@Bhiwadi. राजस्थान में 108 और 104 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर मुखर हो गए हैं। राज्य सरकार द्वारा बजट 2025-26 में की गई घोषणा के बावजूद उन्हें नई प्रस्तावित संस्था के अधीन न किए जाने से आक्रोशित एंबुलेंस कर्मचारी बुधवार को स्वास्थ्य भवन पर धरना देंगे। यह निर्णय हाल ही में जयपुर में आयोजित एक प्रदेशव्यापी बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। यदि धरने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं होती है, तो एंबुलेंस कर्मियों ने पूरे प्रदेश में सेवा बंद करने की चेतावनी दी है।
राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन, खैरथल तिजारा जिला अध्यक्ष अंसार खान ने बताया कि राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में घोषणाकिया था कि भविष्य में सरकार द्वारा एक नई संस्था का गठन कर उसके अधीन विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सभी प्लेसमेंट एजेंसी/ठेकाकर्मियों को लाया जाएगा। इस घोषणा के बाद कार्मिक विभाग ने गत 25 अप्रैल को सभी विभागों को आदेश जारी किए, जिसमें प्लेसमेंट एजेंसी और ठेकाकर्मियों की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद अन्य सभी विभागों ने तो यह जानकारी कार्मिक विभाग को भेज दी है, लेकिन 108 और 104 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की सूचना आज तक नहीं भेजी गई है।
एंबुलेंस कर्मियों की सूचना कार्मिक विभाग तक भिजवाने के लिए यूनियन द्वारा लगातार प्रयास किए गए हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा विभाग, मिशन निदेशक और परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित सभी संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए हैं। हालांकि, इन ज्ञापनों के बावजूद एंबुलेंस कर्मचारियों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है।
इस अनदेखी के बाद, राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने आगे की रणनीति तय करने के लिए 2 जुलाई को सेंट्रल पार्क, जयपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक जिले के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि 9 जुलाई को स्वास्थ्य भवन पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।




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