

education@ncrkhabar.com-New Delhi/Bhiwadi. राजस्थान (Rajsthan) के खैरथल तिजारा जिले के टपूकड़ा कस्बे में स्थित राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल नीलम यादव को शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जा रहा है।निस साल राजस्थान से राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए सिर्फ उनका चयन किया गया है। नीलम यादव ने 1993 में वरिष्ठ अध्यापक के रूप में करियर शुरू किया। 2004 से 2015 तक व्याख्याता रहीं और 2015 में प्रिंसिपल बनीं। खेलकूद में भी उनकी पहचान है—वे नेशनल स्तर पर डिस्कस थ्रो में हिस्सा ले चुकी हैं। उनकी उपलब्धियों में भामाशाह सम्मान और प्रेरक पुरस्कार सहित पुरस्कार शामिल हैं।
नवाचार से बदली स्कूल की तस्वीर
2019 में तिजारा के ईशरोदा गांव में उन्होंने खुद के खर्च पर स्कूल को ट्रेन के डिब्बों की तरह रंग-रोगन करवाया। इस पहल ने बच्चों का ध्यान खींचा और नामांकन कई गुना बढ़ गया। इसके बाद टपूकड़ा स्कूल में उन्होंने डिजिटल लैब और स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए। यहां नामांकन 622 से बढ़कर 1300 हो गया और पिछले वर्षों से लगातार 100% बोर्ड रिजल्ट आ रहे हैं।
मुस्लिम बहुल क्षेत्र की बेटियों की बदलती तस्वीर
टपूकड़ा और आसपास का मेवात क्षेत्र लंबे समय तक बालिकाओं की शिक्षा को लेकर पिछड़ा रहा। लेकिन नीलम यादव के प्रयासों ने माहौल बदल दिया। आज इस स्कूल में 80% से ज्यादा छात्राएं मेवात क्षेत्र से आती हैं।
- मोहसीना, चौपानकी से रोजाना 8 किमी दूर आकर साइंस पढ़ती हैं।
- फिजा ने इस साल साइंस में 95.80% अंक हासिल किए।
- सिमरन (आर्ट्स टॉपर) अब दिल्ली कॉलेज में बीए-बीएड कर रही हैं।
- तनीषा की बनाई पेंटिंग कनाडा की आर्ट गैलरी में प्रदर्शित हुई।
- तीन वर्षों में 21 छात्राओं को बुलबुल गोल्डन नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है।
नीलम यादव की प्रेरणादायक बातें
“यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं बल्कि उन सभी शिक्षकों और छात्राओं का है जो बेहतर शिक्षा के लिए मेहनत कर रहे हैं। अब जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मेरा लक्ष्य है कि हर लड़की आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बने।”
— नीलम यादव, प्रिंसिपल, राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल, टपूकड़ा
नीलम यादव की प्रमुख उपलब्धियां
- 1993 – वरिष्ठ अध्यापक के रूप में शुरुआत
- 2004-2015 – व्याख्याता
- 2015 से – प्रिंसिपल, टपूकड़ा स्कूल
- राष्ट्रीय स्तर पर डिस्कस थ्रो खिलाड़ी
- भामाशाह व प्रेरक पुरस्कार से सम्मानित
- 2019 – ट्रेन-थीम पर स्कूल नवाचार
- नामांकन 622 से बढ़कर 1300 तक पहुँचा
छात्राओं की कामयाबी
- फिजा (साइंस टॉपर) – 95.80%
- सिमरन (आर्ट्स टॉपर) – दिल्ली कॉलेज में पढ़ाई
- तनीषा – पेंटिंग कनाडा तक पहुंची
- 21 छात्राओं को बुलबुल गोल्डन नेशनल अवॉर्ड
अब एआई और कंप्यूटर साइंस पर जोर
नीलम यादव बताती हैं कि पिछले दो साल से स्कूल में कंप्यूटर साइंस विषय शुरू हुआ है।
“एआई का जमाना है, इसलिए होंडा सीएसआर के साथ मिलकर बच्चियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा दिलाने की योजना है। मेवात जैसे इलाके में यह बड़ा बदलाव होगा।” इसके अलावा उनकी इच्छा नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) की ब्रांच स्कूल में खोलने की है, जिससे बच्चों का नैतिक शिक्षा व आर्मी से जुड़ाव हो सके।




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