
ncrkhabar@Jodhpur. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने कहा कि जोजरी नदी और आवासीय क्षेत्रों में जल प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों तथा अवैध खनन गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की फसल को नुकसान पहुँचाने वाली इकाइयों से प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा दिलवाया जाए और खनन इकाइयों द्वारा नियम उल्लंघन पर त्वरित रोकथाम सुनिश्चित हो।
शर्मा शनिवार को मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, जोधपुर में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में जिले की बजट घोषणाओं, योजनाओं की प्रगति, वन्यजीव संरक्षण, जूलीफ्लोरा नियंत्रण, नवाचार और “हरियालो राजस्थान अभियान” को लेकर एजेंडा-वार समीक्षा की गई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भी मौजूद रहे।
हरियालो राजस्थान – पौधरोपण से आगे संरक्षण तक
वन मंत्री शर्मा ने कहा कि “हरियालो राजस्थान अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहे बल्कि पौधों की देखभाल और संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए।” उन्होंने अधिकारियों को पौधारोपण की नियमित मॉनिटरिंग और त्रिस्तरीय मूल्यांकन प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
साथ ही, शिक्षा विभाग को विद्यालय स्तर पर पौधारोपण संबंधी गतिविधियों को विशेष अभियान के रूप में चलाने और डाटा पोर्टल पर समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए।
प्रदूषण नियंत्रण पर रखें निगरानी
मंत्री शर्मा ने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को औद्योगिक क्षेत्रों की सख्त निगरानी करने और कचरा निस्तारण व जल प्रदूषण की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जोजरी नदी और रिहायशी इलाकों में रंगाई-छपाई से जल प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कठोर कार्रवाई होगी।
वन्यजीव संरक्षण और नवाचार
शर्मा ने वन्यजीवों की सुरक्षा व घायल वन्यजीवों के त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि विभागीय नर्सरियों में देसी खाद उत्पादन का नवाचार शुरू किया गया है, जिससे किसानों और आमजन को लाभ मिलेगा।
साथ ही, जूलीफ्लोरा प्रभावित क्षेत्रों में नियंत्रण और जन-जागरूकता अभियान को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और जवाबदेही
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बैठक में कहा कि रीको, जेडीए और नगर निगम की ड्रेनेज व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात कही।
यह समीक्षा बैठक जहां अवैध खनन और प्रदूषण नियंत्रण पर सख्ती का संदेश देती है, वहीं हरियालो राजस्थान अभियान को वृक्षारोपण से आगे बढ़ाकर संरक्षण और देखभाल पर केंद्रित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुई।

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good story
well done