स्वावलंबन की राह पर गोरखपुर की महिलाएं, सड़क किनारे सब्ज़ी बेच कर बता रहीं आत्मनिर्भरता का असली अर्थ

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NCRkhabar@Gorakhpur. गोरखपुर से बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग (Gorakhpur- Basti National Highway) पर आज ncrkhabar.com की टीम ने सड़क किनारे बैठी महिलाओं को सब्ज़ी बेचते देखा। इनमें कई महिलाएं उम्र के आख़िरी पड़ाव पर थीं, लेकिन इसके बावजूद उनमें खुद्दारी और आत्मनिर्भरता साफ़ झलक रही थी। सरकारी सहायता का इंतज़ार करने के बजाय ये महिलाएं गोरखपुर में बस्ती-लखनऊ एनएच किनारे पटरी पर दुकान लगाकर रोज़ी-रोटी कमा रही हैं और अपने परिवार को आर्थिक सहयोग दे रही हैं। कैमरे में कैद तस्वीरें बताती हैं कि ग्रामीण महिलाएं वृद्धावस्था में भी मेहनत और ईमानदारी से जीवनयापन कर रही हैं।  इन महिलाओं का कहना था कि वे किसी पर बोझ नहीं बनना चाहतीं। आर्थिक तंगी भले हो, लेकिन वे खुद्दारी के साथ अपने श्रम से आत्मनिर्भर रहना ही पसंद करती हैं।

ग्रामीण हाट-बाज़ार सिर्फ़ खरीद-बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि गाँव की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन की धड़कन हैं। यहाँ स्थानीय उपज सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचती है और महिलाएँ परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। गोरखपुर की ये तस्वीरें इस बात का उदाहरण हैं कि ग्रामीण महिलाएँ आत्मसम्मान और स्वावलंबन के साथ समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

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