
ncrkhabar@bhiwadi. राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB), क्षेत्रीय कार्यालय भिवाड़ी की ओर से राष्ट्रीय ई-वेस्ट दिवस के अवसर पर एक जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरण-सम्मत निपटान के लिए प्रेरित करना था। इस मौके पर अदत्ते ई-वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों ने ई-कचरे के रीसाइक्लिंग से जुड़ी तकनीकी जानकारी, व्यावहारिक चुनौतियाँ और नवीनतम प्रबंधन विधियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाला कचरा, यदि सही ढंग से पुनर्चक्रित किया जाए, तो न केवल प्रदूषण कम किया जा सकता है बल्कि मूल्यवान धातुओं और संसाधनों की पुनः प्राप्ति भी संभव है।कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बताया गया कि ई-कचरे के अनियंत्रित निपटान से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे में हर औद्योगिक इकाई को ई-वेस्ट के संग्रह, पृथक्करण और सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। विशेषज्ञों ने राज्य और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों, नियमों और ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए दिए जा रहे आर्थिक प्रोत्साहनों पर भी विस्तृत जानकारी दी।आरएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित जुयाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, “भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र को ‘ग्रीन एंड क्लीन इंडस्ट्री’ के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि सभी उद्योग अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाएं, तो भिवाड़ी पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन सकता है।” उन्होंने उद्योगों से आग्रह किया कि वे अपने परिसर में ई-वेस्ट के पृथक्करण और अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से निपटान की प्रक्रिया को अपनाएँ। इस अवसर पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, पर्यावरण सलाहकारों और विभागीय अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और सुझाव दिए कि किस प्रकार उद्योग संयुक्त रूप से क्षेत्र को स्वच्छ और टिकाऊ औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर सकते हैं।

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