

ncrkhabar@bhiwadi. दिवाली की रौनक भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन भिवाड़ी की हवा में अब भी जहर घुला हुआ है। पटाखों का धुआं, उड़ती धूल और जलता कचरा मिलकर लोगों की सांसें मुश्किल बना रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में शहर का एक्यूआई लगातार “रेड जोन” में दर्ज किया जा रहा है, जबकि प्रशासन की निष्क्रियता से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। पटाखों की गूंज थमने के बाद भी वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल (सीपीसीबी) की बुधवार शाम पांच बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, भिवाड़ी का औसत एक्यूआई 324 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में है। औद्योगिक क्षेत्र में एक्यूआई 281 जबकि घनी आबादी वाले वसुंधरा नगर में 366 तक पहुंच गया। मंगलवार को यह स्तर 364 था। सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। चिकित्सकों ने चेताया है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। राजकीय अवकाश के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित है। न तो सड़कों की सफाई हो रही है और न ही प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई। खुले में रखा बिल्डिंग मटेरियल, उड़ती धूल, जलता कचरा और वाहनों से निकलता धुआं प्रदूषण के मुख्य कारण बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तत्काल प्रभाव से धूल दमन, सड़क सफाई और कचरा जलाने पर रोक जैसी कार्रवाइयां नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में भिवाड़ी की हवा और भी जहरीली हो सकती है।



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