भिवाड़ी में बेअसर साबित हुआ ग्रेप-2, फैक्ट्रियों का धुआं बना जहर, एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचा

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ncrkhabar@bhiwadi/New Delhi. एनसीआर (NCR) में वायु प्रदूषण (Air  Pollution) पर लगाम लगाने के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 भिवाड़ी में पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की सख्त हिदायतों के बावजूद औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियां खुलेआम जहरीला धुआं उगल रही हैं। टूटी सड़कों से उड़ती धूल और खुले में जलता कचरा स्थिति को और भयावह बना रहा है। रविवार को दोपहर एक बजे शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 256 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।

खबर विस्तार से 

एनसीआर क्षेत्र में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता प्रशासन की चिंता बढ़ा रही है, लेकिन भिवाड़ी में हालात नियंत्रण से बाहर होते नजर आ रहे हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत लागू चरण-2 के नियमों की फैक्ट्रियां खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं। नतीजा यह है कि भिवाड़ी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। रविवार दोपहर तक शहर का औसत एक्यूआई 256 दर्ज किया गया, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में 210 और वसुंधरा नगर में 301 तक पहुंच गया। शुक्रवार को यह आंकड़ा 223 था, यानी दो दिन में ही हवा और ज्यादा जहरीली हो गई।

खुशखेड़ा की फैक्ट्रियों से निकलते धुएं से लोग परेशान 

 

शनिवार को खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की कई इकाइयों से काले धुएं के गुबार निकलते देखे गए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई फैक्ट्रियां अब भी पुराने और निम्न गुणवत्ता वाले ईंधन का उपयोग कर रही हैं। इससे आसपास के क्षेत्रों में सांस लेना मुश्किल हो गया है। रविवार को राजकीय अवकाश होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण टीम भी क्षेत्र में सक्रिय नहीं दिखी। कई इलाकों में खुले में कचरा जलाने से वायु प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया। वहीं टूटी और कच्ची सड़कों से उड़ती धूल ने हालात को गंभीर बना दिया।

लोग बोले—सांस लेना हो गया मुश्किल

 

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के कई हिस्सों में सुबह और शाम को धुंध छाई रहती है। आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ आम हो गई है। टीएमटी चौक पर मिले संजय कुमार ने बताया, “फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए खराब है और इससे बच्चे खांसते रहते हैं। प्रशासन सिर्फ बैठकों तक सीमित है।” लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए, सड़कों पर नियमित जल छिड़काव हो और खुले में कचरा जलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें करेंगी जांच

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी अमित जुयाल ने बताया कि वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें औद्योगिक इकाइयों में डीजी सेट, ईंधन और वायु उत्सर्जन की जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर सोमवार से सरकारी विभागों की संयुक्त टीम भी क्षेत्र में निरीक्षण करेगी और वायु प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में टीएमटी चौक के पास शनिवार को एक फैक्ट्री से निकलता हुआ जहरीला धुआं।

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