भिवाड़ी में छठ महापर्व की धूम: आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है छठ

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ncrkhabar@Bhiwadi. लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा भिवाड़ी में पूरे उल्लास, भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। औद्योगिक शहर होने के बावजूद यहां पूर्वांचल की परंपराएं जीवित हैं। सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य और मंगलवार को उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। छठ पूजा न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मेल-जोल का भी प्रतीक बन चुकी है। इसमें न सिर्फ पूर्वांचलवासी, बल्कि स्थानीय लोग भी समान श्रद्धा से शामिल होते हैं। प्रशासन और स्थानीय संस्थाएँ भी इस आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। पूरे शहर में सूप, डाला, ठेकुआ और प्रसाद की खुशबू के साथ छठी मईया के भजन गूंजने लगे हैं। हर ओर भक्ति और पवित्रता का वातावरण दिखाई दे रहा है।

आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है छठ पूजा

भिवाड़ी में पूर्वांचल क्षेत्र के हजारों लोग रहते हैं, जिनके लिए छठ पूजा दीपावली से भी बड़ा पर्व है। यह केवल पूजा नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और आत्मिक शुद्धि का प्रतीक है। श्रद्धालु सूर्य देव और छठी मईया की आराधना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। यह पूजा पारंपरिक रूप से नदियों या तालाबों के जल में खड़े होकर अस्त और उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने से की जाती है, लेकिन भिवाड़ी में प्राकृतिक जलस्रोतों के अभाव में कृत्रिम घाट तैयार किए जाते हैं। इस वर्ष भी यूआईटी सेक्टर-5 पार्क में सुंदर घाट बनाया गया है, जहां श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से पूजा करेंगे। “हमारा प्रयास रहता है कि किसी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो और सभी सहजता से पूजा कर सकें।”

 

 

— मनोज कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, छठ पूजा समिति, यूआईटी सेक्टर-5, भिवाड़ी

गीता देवी 25 वर्षों से निभा रहीं हैं परंपरा

 

भिवाड़ी की गीता देवी पिछले 25 वर्षों से छठ व्रत रख रही हैं। वे बताती हैं कि छठी मईया की कृपा से उनके परिवार में सदैव खुशहाली और व्यवसाय में उन्नति बनी रहती है।

“यह पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मिक शुद्धि का प्रतीक है, जिसे मैं पूरे नियमों और मनोयोग से निभाती हूं।”

— गीता देवी, निवासी यूआईटी सेक्टर-5, भिवाड़ी

भिवाड़ी में उमड़ती आस्था की लहर

औद्योगिक नगरी भिवाड़ी में भी छठ महापर्व का उल्लास देखते ही बनता है। दीपावली के बाद से ही घाटों की सफाई, सजावट और तैयारियों की शुरुआत हो जाती है। कई स्थानीय परिवार अब स्वयं व्रत रखते हैं और श्रद्धापूर्वक सूर्य देव की उपासना करते हैं। “यह देखना सुखद है कि भिवाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्र में भी छठ महापर्व की परंपरा हर साल और मजबूत हो रही है।”

— रतन मिश्रा, सदस्य, छठ पूजा समिति, यूआईटी सेक्टर-5, भिवाड़ी

छठ पूजा की पूरी हुई तैयारियाँ, कल देंगे पहला अर्घ्य

भिवाड़ी, चौपानकी, टपूकड़ा और खुशखेड़ा आदि औद्योगिक क्षेत्रों में छठ पूजा की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। पार्कों और खुले स्थानों पर बने कृत्रिम घाटों की सफाई और सजावट अंतिम चरण में है। सोमवार को श्रद्धालु अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे, जबकि मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रती अपना व्रत पूर्ण करेंगे।

— विनय झा, यूआईटी सेक्टर-5, भिवाड़ी

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