सैनी समाज के पदाधिकारियों ने कहा – जयपुर शहर व देहात लोकसभा में 2 – 2 टिकट नहीं मिलने पर राष्ट्रीय पार्टियों का बहिष्कार करेगा समाज
कोटपूतली। विधानसभा चुनावों के नजदीक आते आते राजनैतिक दलों के साथ साथ विभिन्न जाति व समाज के लोग भी अपने राजनैतिक प्रतिनिधित्व को लेकर संभावनाएं तलाशने लगें हैं। इसी क्रम में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सैनी समाज भी लामबंद नजर आ रहा है। राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टियों भाजपा व कांग्रेस से टिकटों में संभावित उपेक्षा पर आक्रोशित सैनी (माली) समाज ने राजनैतिक एकजुटता की हुंकार भरी है। उल्लेखनीय है सैनी समाज के कई नेता कोटपूतली, विराटनगर के साथ साथ जयपुर शहर व ग्रामीण लोकसभा की कई विधानसभा सीटों पर भाजपा व कांग्रेस के टिकट के लिए मजबूती से दावेदारी कर रहे हैं। इसको लेकर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष रामसिंह सैनी व सैनी सभा संस्था के अध्यक्ष राकेश सैनी समेत समाज के प्रतिनिधियों ने कस्बा स्थित एक निजी होटल में प्रेस वार्ता कर भाजपा व कांग्रेस जयपुर शहर व ग्रामीण लोकसभा को मिलाकर 2-2 सीटों की माँग की। साथ ही भाजपा – कांग्रेस पर सैनी समाज को उपेक्षा का आरोप भी लगाया। प्रदेशाध्यक्ष रामसिंह सैनी ने कहा दोनों लोकसभाओं में सैनी मतदाताओं की संख्या लगभग 4.5 लाख है। इसमें कोटपूतली में करीब 30 हजार व विराटनगर में 35 हजार सैनी मतदाता हैं। दोनों लोकसभाओं की 21 विधानसभा सीटों में से 4 पर सैनी समाज मजबूती से दावेदारी कर रहा है। इनमें कोटपूतली से भाजपा की और से पूर्व चैयरमैन महेंद्र सैनी, सुगन भाई व फुलचंद सैनी व कांग्रेस से पूर्व चैयरमैन प्रकाश चंद सैनी की दावेदारी हैं। वहीं विराटनगर से रामसिंह सैनी भाजपा एवं चौमूं से भगवान सहाय सैनी कांग्रेस टिकट के लिए अपनी दावेदारी कर रहे हैं। साथ ही आमेर, चौमूं व शाहपुरा समेत अन्य जगहों पर भी दोनों पार्टियों से मजबूत दावेदार हैं। प्रदेशाध्यक्ष सैनी ने कहा कि सैनी समाज आजादी के बाद से दोनों पार्टियों को अपने वोट दे रहा है।लोकसभा चुनाव में भाजपा व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भी वोट दिये हैं। लेकिन हमेशा सैनी समाज के राजनैतिक हितों की अनदेखी ही कि गई है। किंतु इस बार सैनी समाज एकजुट है, अगर अब भी पार्टियां सैनी समाज के हितों की उपेक्षा करती हैं तो उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके लिए चाहें कोई भी निर्णय लेना पड़े, सैनी समाज आने वाले दिनों में एक बड़ी सामाजिक सभा बुलाकर निर्णय लेगा। इस दौरान पूर्व चैयरमैन शंकर लाल सैनी, सैनी आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष हनुमान सैनी, फुलचंद नेताजी, जगदीश खेमजी, कैलाश कपड़ेवाला, जगदीश सैनी, पार्षद प्रमोद गुरुजी, रमन सैनी, अमित सैनी, विजेन्द्र सैनी, सुभाष सैनी, रामसिंह पापटान, घनश्याम सैनी, राजकुमार सैनी समेत बड़ी संख्या में सैनी समाज के लोग मौजूद थे।

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