कहरानी गांव में जाटव व वाल्मीकि समाज के लिए श्मशान नहीं, खुले आसमान के नीचे करना पड़ता है अंतिम संस्कार

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ncrkhabar@Bhiwadi. नगर परिषद क्षेत्र के कहरानी गांव में जाटव व वाल्मीकि समाज के लिए श्मशान घाट की सुविधा न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्मशान के अभाव में मृतकों का अंतिम संस्कार सरकारी भूमि पर खुले आसमान के नीचे करना मजबूरी बन गया है। बारिश के मौसम में हालात और भी विकट हो जाते हैं, जब अंतिम संस्कार के लिए घंटों बारिश थमने का इंतजार करना पड़ता है। कहरानी गांव निवासी भाजपा नेता विनोद कुमार ने बताया कि पिछले करीब 70 वर्षों से कहरानी गांव में अनुसूचित जाति समाज के लिए श्मशान की कोई व्यवस्था नहीं है। इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार विधायक और सांसद को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक श्मशान के लिए भूमि का आवंटन नहीं हो सका है। नगर परिषद वार्ड संख्या 48 के पार्षद प्रतिनिधि मोहन बिधूड़ी ने भी बताया कि वाल्मीकि समाज के श्मशान घाट की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र भूमि आवंटन कर श्मशान घाट की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि समाज के लोगों को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सके।

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