
Crime@ncrkhabar.com-Gurugram.फरुखनगर सीआईए क्राइम ब्रांच द्वारा चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए रामपुरा भिवाड़ी निवासी आसिफ की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। माता-पिता को पहले ही खो चुके आसिफ की हिरासत में मौत ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन और स्थानीय लोग आत्महत्या की थ्योरी को सिरे से खारिज कर रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मृतक आसिफ मूल रूप से चौपानकी थाना क्षेत्र के कारेंडा गांव का रहने वाला था, लेकिन उसका परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से भिवाड़ी के रामपुरा गांव में रह रहा था। वह चार भाइयों में सबसे छोटा था और उससे छोटी एक बहन है। आसिफ अविवाहित था, जबकि उसकी छोटी बहन भी अविवाहित है। माता-पिता दोनों का पहले ही निधन हो चुका है, जिसके बाद परिवार के अन्य सदस्य ही उसकी देखभाल कर रहे थे।
आसिफ अपने बड़े भाई के साथ फैब्रिकेशन का काम करता था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बना हुआ था। मोहल्ले के लोगों के अनुसार, आसिफ शांत स्वभाव का युवक था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया था। ऐसे में चोरी के मामले में उसकी गिरफ्तारी और फिर हिरासत में मौत की खबर से पूरा इलाका स्तब्ध है।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि आसिफ मानसिक रूप से इतना कमजोर नहीं था कि आत्महत्या जैसा कदम उठा ले। क्षेत्रवासियों का भी कहना है कि मामला संदिग्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
चाचा ने सीआईए एसएचओ पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के चाचा अलीजान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 24 दिसंबर की शाम करीब चार से पांच बजे के बीच चार पुलिसकर्मी सादा कपड़ों में उनके भाई स्वर्गीय इकबाल के रामपुरा गांव स्थित घर पर आए थे। उन्होंने खुद को सीआईए थाना फरुखनगर का बताया। उस समय घर पर अलीजान और उनका भतीजा इसरार मौजूद थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इसरार से एक मोबाइल नंबर मिलवाया, जो आसिफ का था। फोन लगते ही आसिफ घर से बाहर आया और तभी पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि आसिफ के खिलाफ चोरी की एक एफआईआर दर्ज है, जिसमें उसकी सिम का इस्तेमाल हुआ है। चाचा अलीजान का कहना है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने चार लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि रकम देने पर मामला यहीं रफा-दफा कर दिया जाएगा और आसिफ को छोड़ दिया जाएगा। जब परिवार ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए पैसे देने से इनकार किया तो दो लाख रुपये की मांग की गई और धमकी दी गई कि रकम नहीं देने पर आसिफ के साथ मारपीट की जाएगी और पुलिस रिमांड लिया जाएगा। अलीजान के अनुसार, पैसे देने से मना करने पर पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि यदि समय रहते दो लाख रुपये नहीं पहुंचाए गए तो आसिफ को कहीं का भी नहीं छोड़ा जाएगा और उसका एनकाउंटर तक किया जा सकता है। इसके बाद पुलिसकर्मी आसिफ को अपने साथ ले गए। बाद में हिरासत में उसकी मौत की सूचना मिली। अलीजान ने एसएचओ सीआईए फरुखनगर सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर आसिफ की हत्या का आरोप लगाया है।
गुरुग्राम पहुंचे कांग्रेस नेता ईमरान खान ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की जानकारी मिलने पर तिजारा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे कांग्रेस नेता ईमरान खान ग्रामीणों के साथ गुरुग्राम पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि हिरासत में युवक की मौत बेहद गंभीर मामला है। ईमरान खान ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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