मेवात से चल रहा ठगी का नेटवर्क, नकली सोने से OLX और अब पुराने सिक्के व पैकिंग जॉब के नाम पर ठगी

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Crime@NCRkhabar. com-Bhiwadi (NCR).  राजस्थान के मेवात क्षेत्र में साइबर ठगी का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। ठग समय के साथ ठगी के तरीके बदल रहे हैं। पहले नकली सोना दिखाकर ठगी की जाती थी, फिर OLX पर सस्ता सामान बेचने का झांसा दिया गया और अब सोशल मीडिया पर पुराने सिक्के खरीदने, एंटीक सामान की ऊंची कीमत दिलाने और घर बैठे पेंसिल पैकिंग का काम देने के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। इन ठगी के मामलों का शिकार सबसे ज्यादा दिल्ली-एनसीआर के लोग हो रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर ठगी करने वाले कई युवक ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते, लेकिन मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीखकर पढ़े-लिखे और नौकरीपेशा लोगों को भी ठगी का शिकार बना रहे हैं। ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर विज्ञापन डालते हैं और फिर व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें अपने झांसे में लेते हैं।

जानकारी के अनुसार पहले मेवात क्षेत्र में नकली सोना दिखाकर ठगी के मामले सामने आते थे। इसके बाद OLX पर बाइक, मोबाइल, फर्नीचर या अन्य सामान कम कीमत में बेचने का विज्ञापन डालकर एडवांस के नाम पर पैसे ठगने का तरीका शुरू हुआ। अब सोशल मीडिया पर पुराने सिक्के और नोट ऊंची कीमत पर खरीदने, एंटीक सामान खरीदने, घर बैठे पेंसिल पैकिंग का काम देने और सस्ते खिलौने या इलेक्ट्रॉनिक्स बेचने के नाम पर ठगी की जा रही है।

इसी माह गुरुग्राम में भी पुराने सिक्के और नोट खरीदने का झांसा देकर एक महिला से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान तिजारा क्षेत्र के बेरला निवासी आरोपी समयदीन को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालकर लोगों को पुराने सिक्कों की ऊंची कीमत का लालच देता था और फिर रजिस्ट्रेशन, जीएसटी व अन्य चार्ज के नाम पर पैसे ठग लेता था।

वहीं भिवाड़ी पुलिस ने हाल ही में साइबर ठगी के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करते हुए 8 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 12 मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार आरोपी पुराने सिक्के खरीदने, घर बैठे पेंसिल पैकिंग का काम दिलाने और सोशल मीडिया पर सस्ते सामान बेचने का विज्ञापन देकर लोगों से ठगी कर रहे थे। पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल फोन और डिजिटल डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे और भी ठगी के मामलों का खुलासा होने की संभावना है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अब पढ़े-लिखे और नौकरीपेशा लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। ठग फर्जी सिम, फर्जी बैंक खाते और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है, लेकिन तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई कर रही है।

इन तरीकों से हो रही ठगी

– पुराने सिक्के और नोट खरीदने के नाम पर ठगी

– घर बैठे पेंसिल पैकिंग/खिलौना पैकिंग का काम

– OLX पर सस्ता सामान बेचने का झांसा

– नकली सोना दिखाकर ठगी

– सोशल मीडिया पर सस्ते इलेक्ट्रॉनिक्स बेचने का झांसा

मोबाइल और सोशल मीडिया से सीखकर कर रहे साइबर ठगी

– कई ठग ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते।

– मोबाइल और इंटरनेट से ठगी के तरीके सीखते हैं।

– सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन डालते हैं।

– व्हाट्सएप पर लोगों से संपर्क करते हैं।

रजिस्ट्रेशन, जीएसटी, कूरियर के नाम पर पैसे मंगवाते हैं।

पैसे आने के बाद नंबर बंद कर देते हैं।

इस तरह करें साइबर ठगी से बचाव

-अनजान लिंक पर क्लिक न करें

-किसी को OTP या बैंक डिटेल न दें

-लालच वाले विज्ञापनों से सावधान रहें

– बिना जांच के ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें

– ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

 

“मेवात क्षेत्र में साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। ठग मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी के नए तरीके सीखकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे गिरोहों पर लगातार कार्रवाई कर रही है।”

 

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