
Busienss@ncrkhabar. com-Bhiwadi. हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी का असर अब राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में भी साफ दिखाई देने लगा है। वेतन में अंतर के चलते यहां के श्रमिकों में असंतोष बढ़ रहा है और वे राजस्थान में भी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ती महंगाई के कारण जीवन-यापन का खर्च काफी बढ़ गया है, जबकि वर्तमान वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर पिछले 7-8 दिनों में भिवाड़ी और खुशखेड़ा की तीन बड़ी औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों ने प्रदर्शन किया है। श्रमिकों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे बेहतर वेतन के लिए हरियाणा के नजदीकी औद्योगिक क्षेत्रों की ओर रुख कर सकते हैं।
श्रमिकों के संभावित पलायन को लेकर स्थानीय उद्योगपति भी चिंतित नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि बड़ी संख्या में श्रमिक हरियाणा चले जाते हैं, तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा और उद्योगों की कार्यक्षमता प्रभावित होगी। कुशल श्रमिकों की कमी से उत्पादन लागत बढ़ सकती है और समय पर ऑर्डर पूरे करना भी मुश्किल हो सकता है।
इसी स्थिति को देखते हुए भिवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीसीसीआई) ने चौपानकी स्थित अपने कार्यालय में उद्योगपतियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के मालिकों और एचआर प्रमुखों ने भाग लिया। इस दौरान श्रमिकों की समस्याओं, वेतन असमानता और उद्योगों के सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बीसीसीआई अध्यक्ष चौधरी राम नारायण सिंह ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में वेतन वृद्धि के बाद राजस्थान के श्रमिकों में उपजे असंतोष का समाधान खोजना है। उन्होंने कहा कि आगामी 2-3 दिनों में उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलक्टर से मिलकर इस मुद्दे के समाधान की मांग करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्यूनतम मजदूरी को लेकर स्थिति नहीं सुधरी, तो औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बैठक में बीसीसीआई महासचिव केआर शर्मा सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।




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