
Business@ncrkhabar.com-NewDelhi. भिवाड़ी, अलवर और नीमराना क्षेत्र के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव तथा केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी की अध्यक्षता में पीएम सेतु योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अलवर, भिवाड़ी एवं नीमराना औद्योगिक क्षेत्रों की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ अलवर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भिवाड़ी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIIA) सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य अलवर जिले में हब एवं स्पोक मॉडल के माध्यम से कौशल विकास को मजबूत बनाना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना रहा।
बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि आईटीआई भिवाड़ी को हब (Hub) तथा आईटीआई अलवर, नीमराना, तिजारा एवं किशनगढ़बास को स्पोक (Spoke) के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मॉडल के जरिए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
पीएम सेतु योजना के तहत उद्योगों एवं प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय मजबूत करने, आईटीआई में आधुनिक मशीनों एवं प्रयोगशालाओं का विकास करने, उद्योग आधारित नए कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने तथा अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने विभिन्न क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को लेकर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर उद्योगों और आईटीआई संस्थानों के बीच नियमित संवाद एवं सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति बनी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।
केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि अलवर, भिवाड़ी एवं नीमराना क्षेत्र देश के तेजी से विकसित होते औद्योगिक केंद्र हैं। ऐसे में स्थानीय युवाओं को उद्योगों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का अधिकतम लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम सेतु योजना युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वहीं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह पहल आईटीआई संस्थानों को उद्योगों से जोड़ते हुए उन्हें आधुनिक एवं उत्कृष्ट कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित करेगी। हब एवं स्पोक मॉडल के माध्यम से आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ जिले के अधिकाधिक युवाओं तक पहुंच सकेगा।
बैठक में उपस्थित सभी उद्योग प्रतिनिधियों और संस्थाओं ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। माना जा रहा है कि यह पहल स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित एवं दक्ष कार्यबल उपलब्ध कराने में भी अहम साबित होगी।


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