भिवाड़ी में गंदे पानी की समस्या का हो स्थाई समाधान, जलभराव से निपटने को करें ठोस उपाय

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NCRKhabar@Bhiwadi. हरियाणा प्रशासन ने अलवर बाईपास के निकट नेशनल हाईवे पर काफी ऊंचा रैंप बनाकर भिवाड़ी का पानी धारुहेड़ा में जाने से रोक दिया गया। इसके अलावा नेशनल हाईवे के किनारे बनाए गए नाले में मिट्टी डालकर अवरुद्ध कर दिया गया। इस कारण भिवाड़ी की ओर से धारुहेड़ा जाने वाला गंदा पानी अलवर बाईपास व आसपास के इलाकों में भर रहा है। भिवाड़ी-सोहना हाईवे पर स्थित  मॉडर्न पब्लिक स्कूल में गंदा पानी भरने से शिक्षण कार्य बाधित हो गया है। स्कूल प्रशासन ने इसकी शिकायत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से की है। भिवाड़ी प्रशासन ने धारुहेड़ा में पानी जाने की समस्या के स्थाई समाधान के लिए ठोस प्रयास किया होता तो जलभराव की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। भिवाड़ी में सीईटीपी व एसटीपी में शोधित किए गए पानी के पुनः उपयोग के लिए कागजों में योजना तो कई बार बनाई गई लेकिन उसे धरातल पर उतारने के प्रयास नहीं किए गए। फिलहाल स्थिति यह है कि अगर आने वाले दिनों में वर्षा होती है तो भिवाड़ी के अलवर बाईपास व भगतसिंह कॉलोनी ही नहीं बल्कि अन्य इलाकों में बसी कालोनियों में पानी भर सकता है।

कालीखोली पर कृत्रिम झील बनाकर हरियाणा में जाने से रोक सकते हैं पानी

भिवाड़ी के बस स्टैंड के पास स्थित कामन एफलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट ( सीईटीपी) के अपग्रेडेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे घरेलू व फैक्ट्रियों का पानी अलग हो जाएगा और सिर्फ फैक्ट्रियों का पानी पाइपलाइन के जरिए सीईटीपी तक आएगा और ट्रीट कर वापस फैक्ट्रियों को भेज दिया जाएगा। वहीं घरेलू पानी को ट्रीटकर किसानों व उद्योगों को दिया जा सकता है। बीड़ा की तरफ से गंदे पानी की समस्या के समाधान के लिए निजी फर्म से डीपीआर बनवाई जा रही है, जिसकी रिपोर्ट पर चर्चा कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।  वहीं ट्रीटेड पानी को बाबा मोहनराम मंदिर के पास कृत्रिम झील बनाकर भेजा जा सकता है। इससे ना सिर्फ कालीखोली को टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित किया जा सकता है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ राजस्थान व हरियाणा के अधिकारियों की संयुक्त मीटिंग में सारेकलां ले जाने पर भी चर्चा हुई थी लेकिन उसके ऊंचाई पर होने की वजह से यह सुझाव सिरे से खारिज कर दिया गया।

 हरियाणा का पानी भिवाड़ी में आने से रोके प्रशासन

हरियाणा ने अलवर बाईपास के निकट नेशनल हाईवे पर रैंप बनवाकर भिवाड़ी का पानी धारुहेड़ा में आने से रोक दिया है, जिससे अलवर बाईपास व भगतसिंह कॉलोनी सहित अजय स्थानों पर जलभराव हो गया हव। हरियाणा आकेड़ा, कर्णकुंज, गुर्जर घटाल, नारायण विहार व खोरी बैरियर सहित अन्य स्थानों से आने वाले गंदे पानी भिवाड़ी आ रहा है। भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के निकट होने के कारण हरियाणा के इन गांवों में बड़ी संख्या में कालोनियां बन गई हैं लेकिन यहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अभी तक नहीं बना है। इन गांवों के लोग घरेलू गंदे पानी को भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के खुले नालों में छोड़ देते हैं और यह पानी बहता हुआ सीईटीपी तक आता है। भिवाड़ी के लोग भी  सीमावर्ती इलाकों में सड़क ऊंची कर हरियाणा का पानी भिवाड़ी आने से रोकने की मांग कर रहे हैं। भिवाड़ी जल प्रदूषण निवारण एसोसिएशन के चेयरमैन सुरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रोज़ाना चार से छह एमएलडी पानी हरियाणा के गांवों से भिवाड़ी आ रहा है। अगर इस पानी को शोधित कर हरियाणा में पुनः उपयोग किया जाए तो भिवाड़ी में गंदा पानी आने से रोका जा सकता है। उन्होंने यह मांग हरियाणा के मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी लेकिन भिवाड़ी से लगते हरियाणा के एक भी गांव में एसटीपी नहीं बनी हुई है।
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