
ncrkhabar@Bhiwadi.भिवाड़ी में सोमवार को हुए राज्य स्तरीय आकस्मिक निरीक्षण में सरकारी कार्यालयों की कार्यसंस्कृति और अनुशासन पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। निरीक्षण के दौरान जहां बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी से नदारद पाए गए, वहीं रिकॉर्ड संधारण, उपस्थिति व्यवस्था और साफ-सफाई में भी गंभीर खामियां सामने आईं। प्रमुख शासन सचिव, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के निर्देशानुसार वरिष्ठ शासन उप सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक (निरीक्षण) के. आर. मीना के नेतृत्व में राज्य स्तरीय निरीक्षण दल ने सोमवार को भिवाड़ी में स्थित विभिन्न राजकीय कार्यालयों एवं विभागों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में महेन्द्र कुमार सरावता, कैलाश मीणा (अनुभागाधिकारी), चेना राम भदाला (सहायक अनुभागाधिकारी), कृष्णावतार कटारिया तथा तरूण कुमार मीणा (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) शामिल रहे। दल द्वारा प्रातः 09:40 बजे निरीक्षण प्रारंभ किया गया। निरीक्षण के दौरान 14 उपस्थिति एवं अन्य महत्वपूर्ण रजिस्टरों की जांच की गई। जांच में कुल 178 अधिकारी एवं कर्मचारी दर्ज पाए गए, जिनमें से 99 अधिकारी-कर्मचारी मौके पर अनुपस्थित मिले। आंकड़ों के अनुसार राजपत्रित अधिकारियों में लगभग 50 प्रतिशत (19) तथा अराजपत्रित कर्मचारियों में लगभग 57 प्रतिशत (80) की उपस्थिति दर्ज नहीं पाई गई। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों का ड्यूटी समय पर अनुपस्थित रहना प्रशासनिक शिथिलता को दर्शाता है। निरीक्षण दल ने यह भी पाया कि कई कार्यालयों में उपस्थिति पंजिकाएं निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप संधारित नहीं की जा रही हैं। कुछ विभागों में रजिस्टर अधूरे मिले, तो कहीं प्रविष्टियों में अनियमितता पाई गई। इसके अलावा अनेक कार्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था असंतोषजनक रही तथा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अव्यवस्थित अवस्था में पाया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए परिपत्रों एवं निर्देशों की समुचित पालना कई विभागों में नहीं की जा रही है। निरीक्षण दल ने इन कमियों को गंभीर मानते हुए अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर प्रस्तुत करने की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।निरीक्षण दल के अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

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