
ncrkhabar@Delhi/Bhiwadi. दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण भिवाड़ी में असरहीन नजर आ रहा है। प्रतिबंध लागू होने के बावजूद औद्योगिक और आवासीय इलाकों में खुलेआम निर्माण कार्य जारी है, जबकि निगरानी और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार विभाग मौके से नदारद दिखाई दिए।
सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र में रविवार को भी फैक्ट्रियों की इमारतों का निर्माण धड़ल्ले से चलता मिला। GRAP-4 के तहत सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध है, इसके बावजूद न किसी विभाग ने काम रुकवाया और न ही किसी प्रकार की चेतावनी या चालान की कार्रवाई की गई। ग्राउंड रिपोर्टिंग में सामने आया कि औद्योगिक क्षेत्र के कई भूखंडों पर मजदूर, मशीनें और निर्माण सामग्री पूरे दिन सक्रिय रहीं। कुछ फैक्ट्री परिसरों में ऊंची चारदीवारी के भीतर निर्माण कराया जा रहा था, ताकि बाहर से गतिविधि दिखाई न दे। सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र में आरआर केबल फैक्ट्री के समीप एक फैक्ट्री की चारदीवारी का निर्माण बिना किसी धूल नियंत्रण उपाय के चलता मिला। न ग्रीन नेट लगाई गई थी और न ही पानी का छिड़काव किया गया।
औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ भिवाड़ी-अलवर हाईवे पर स्थिति और भी गंभीर नजर आई। होंडा चौक और टपूकड़ा समेत कई स्थानों पर सड़क किनारे रेत, बजरी, ईंट और सीमेंट खुले में रखे गए थे। भारी वाहनों की आवाजाही से यह सामग्री हवा में उड़ती रही और हाईवे पूरे दिन धूल के गुबार में तब्दील होता दिखा। GRAP-4 के नियमों के अनुसार सड़क किनारे खुले में निर्माण सामग्री रखना भी प्रतिबंधित है, इसके बावजूद नगर परिषद, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, उद्योग विभाग और प्रशासनिक टीमें पूरे दिन कहीं नजर नहीं आईं। रविवार और छुट्टियों के दिन जानबूझकर निर्माण कार्य तेज कर दिया जाता है, क्योंकि उस दिन निरीक्षण और कार्रवाई की संभावना बेहद कम रहती है।

प्रदूषण के आंकड़े हालात की गंभीरता को साफ दर्शाते हैं। रविवार को दोपहर तीन बजे भिवाड़ी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 351 दर्ज किया गया जबकि शनिवार को औसत AQI 354 दर्ज हुआ था। इन आंकड़ों के साथ भिवाड़ी दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों में सातवें स्थान पर रहा।विशेषज्ञों के अनुसार 300 से अधिक AQI गंभीर श्रेणी में आता है, जिसमें बच्चों, बुजुर्गों और सांस रोगियों के लिए घर से बाहर निकलना भी जोखिमपूर्ण माना जाता है। जमीनी हालात स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि जब तक GRAP-4 के नियमों का सख्ती से पालन, नियमित निगरानी और बिना भेदभाव कार्रवाई नहीं होगी, तब तक भिवाड़ी में बढ़ता वायु प्रदूषण काबू में आना मुश्किल है।



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