भिवाड़ी में नाहटा फाउंडेशन के सामूहिक विवाह समारोह में दिखी समाज की एकजुटता, घुड़चढ़ी में डीजे पर थिरके बाराती, मंगल गीतों की गूंज के बीच वैदिक विधि-विधान से परिणय सूत्र में बंधे 11 जोड़े

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ncrkhabar@Bhiwadi. भिवाड़ी में सामाजिक समरसता, सहयोग और सेवा भावना का सुंदर उदाहरण शुक्रवार को उस समय देखने को मिला, जब नाहटा फाउंडेशन (पंजी.) भिवाड़ी की ओर से अलवर बाईपास स्थित वेदांता फार्म में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ 11 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। यह आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बना, बल्कि समाज में समानता और एकजुटता का मजबूत संदेश भी दे गया।कार्यक्रम से पूर्व हुई वर्षा के कारण आयोजन कुछ समय के लिए बाधित रहा, लेकिन मौसम साफ होते ही विवाह संस्कार पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू किए गए। जैसे ही घुड़चढ़ी निकली, माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। सड़क पर बारात के साथ चल रहे बाराती डीजे की धुनों पर नाचते–गाते हुए आगे बढ़े। ढोल-नगाड़ों और फिल्मी गीतों की धुनों के बीच क्षेत्र में शादी की खुशियों की रौनक देखने को मिली। शुक्रवार सुबह कजारिया ग्रीन सोसाइटी से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ घुड़चढ़ी निकाली गई। वेदांता फार्म पहुंचने पर समाजसेवी राजवीर दायमा, पार्षद अमित नाहटा, उद्यमी मुकेश जैन, नाहटा फाउंडेशन की अध्यक्ष रितिभा नाहटा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया। आयोजन स्थल को भव्य पंडाल, पारंपरिक सजावट और सांस्कृतिक प्रतीकों से सजाया गया था। आचार्य मयंक महाराज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वरमाला कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके पश्चात अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे कराए गए और नवयुगलों ने एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। दोपहर में सामूहिक प्रतिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। शाम को विधिवत विदाई समारोह आयोजित हुआ। सामूहिक विवाह में ममता–आनंद, रूहानी–चेतन, सोनिया–सन्नी, शिवानी–गुलाब सिंह, नेहा कुमारी–नरेंद्र शर्मा, सुहानी–धीरज, निक्की–राजू, कोमल–आशीष जैन, भारती–रजनीश, सविता–मोहित और आंचल–हेमंत वैवाहिक जीवन में बंधे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिजन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं शहरवासी मौजूद रहे। संपूर्ण आयोजन की व्यवस्थाओं को संभालने में के.के. श्रीवास्तव, सुरेंद्र सिंह, राकेश देहरू सहित नाहटा फाउंडेशन के अन्य सदस्य दिनभर सक्रिय रहे। नाहटा फाउंडेशन के ट्रस्टी व पार्षद अमित नाहटा ने बताया कि सामूहिक विवाह का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना और समाज में भाईचारे, सहयोग व समानता की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।

सामूहिक विवाह से पूर्व घुड़चढ़ी के दौरान डीजे की धुनों पर नाचते–गाते बाराती।

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