
ncrkhabar@NewDelhi-Bhiwadi. रेवाड़ी से नीमराना होते हुए जयपुर तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) ने इस नई रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) कराने की मंजूरी दे दी है। यह सर्वे 191 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित नई रेल लाइन के लिए किया जाएगा और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिसके बाद रेल लाइन निर्माण को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
रेल मंत्रालय द्वारा 21 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार रेवाड़ी–नीमराना–जयपुर नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे पर कुल 5 करोड़ 73 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह खर्च रेलवे की सर्वे मद के अंतर्गत किया जाएगा। रेलवे बोर्ड की ओर से यह स्वीकृति डायरेक्टर गति शक्ति (सिविल)-II Abhishek Jagawat द्वारा जारी की गई है। इस संबंध में उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर के महाप्रबंधक को सर्वे कराने के निर्देश भेजे गए हैं।
इस रेल परियोजना को केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद Bhupender Yadav के प्रयासों से मंजूरी मिलना माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव पिछले वर्ष नीमराना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने और रेवाड़ी तक रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में इस रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी मिलना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रेवाड़ी–नीमराना–जयपुर नई रेल लाइन बनने से नीमराना औद्योगिक क्षेत्र, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) क्षेत्र और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिल सकेगा। इससे उद्योगों को माल परिवहन में बड़ी सुविधा मिलेगी और परिवहन लागत भी कम होगी। वर्तमान में इन औद्योगिक क्षेत्रों से माल परिवहन मुख्य रूप से सड़क मार्ग से होता है, जिससे लागत और समय दोनों अधिक लगता है।
इसके अलावा इस रेल लाइन के बनने से रेवाड़ी और जयपुर के बीच एक नया रेल मार्ग विकसित होगा, जिससे यात्रियों को भी सीधा रेल संपर्क मिल सकेगा और दिल्ली–जयपुर रेल रूट पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। यह रेल लाइन औद्योगिक विकास के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार फाइनल लोकेशन सर्वे के दौ प्रस्तावित रेल लाइन का रूट, संभावित रेलवे स्टेशन, पुल, अंडरपास, भूमि अधिग्रहण और परियोजना की कुल लागत का विस्तृत आकलन किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, जिसके बाद परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। स्थानीय उद्योग संगठनों और क्षेत्र के लोगों ने इस परियोजना के सर्वे को मंजूरी मिलने पर खुशी जताई है और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में नीमराना क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना साकार हो सकेगा।




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