NCR में एक अक्टूबर से बिना पीयूसी वाले वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, वायु प्रदूषण रोकने के लिए CAQM ने दिए निर्देश

SHARE:

ncrkhabar@Newdelhi/Bhiwadi. दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। आयोग की 28वीं पूर्ण बैठक Rajesh Verma की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें वाहनों से होने वाले प्रदूषण, पराली प्रबंधन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर अहम निर्णय लिए गए। इसके तहत एक अक्टूबर 2026 से पूरे एनसीआर में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा। इस व्यवस्था की निगरानी पेट्रोल पंपों पर लगे एएनपीआर (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों के जरिए की जाएगी। बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहन ईंधन नहीं ले सकेंगे। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है। यह निर्णय भिवाड़ी, धारूहेड़ा, नीमराना, खुशखेड़ा, टपूकड़ा और रेवाड़ी जैसे औद्योगिक और ट्रांसपोर्ट हब के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां भारी संख्या में डीजल वाहन और मालवाहक ट्रक चलते हैं। CAQM के सदस्य सचिव Tarun Kumar Pithode ने बताया कि यह कदम वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है, जो NCR में PM2.5 और अन्य हानिकारक गैसों का बड़ा स्रोत है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, तिपहिया वाहनों पर बड़ा बदलाव

आयोग ने यह भी तय किया है कि अब एनसीआर में केवल एल-5 श्रेणी के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर वाहनों का ही पंजीकरण होगा। यह नीति चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी—दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से, गुरुग्राम-फरीदाबाद-गाजियाबाद समेत प्रमुख NCR जिलों में 1 जनवरी 2028 से और बाकी जिलों में 1 जनवरी 2029 से। इस फैसले का सीधा असर गुरुग्राम-धारूहेड़ा-रेवाड़ी रूट और आसपास के ऑटो व ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा, जहां पारंपरिक ईंधन वाले तिपहिया वाहनों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा।

पराली जलाने पर सख्ती, बनेगी “पराली प्रोटेक्शन फोर्स”

हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आयोग ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। जिला और ब्लॉक स्तर पर “पराली प्रोटेक्शन फोर्स” बनाई जाएगी, जिसमें पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। शाम के समय विशेष गश्त और हॉटस्पॉट गांवों पर कड़ी निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।

एनसीआर में बढ़ेंगे एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन

सीएक्यूएम ने एनसीआर में वायु गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करने के लिए 46 नए Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations (CAAQMS) लगाने का निर्णय लिया है। इससे पूरे एनसीआर में कुल स्टेशन की संख्या 157 हो जाएगी। इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में नए स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निगरानी, तकनीक आधारित प्रवर्तन और जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

Leave a Comment

Our Visitor

4 5 7 5 9 4
Users Today : 193
Total Users : 4575943
Views Today : 240
Total views : 4596807
Read More