महाकुंभ में दिखाई दिया आस्था और सेवा का संगम, नाहाटा फाउंडेशन ने श्रद्धालुओं को कराया दिव्य अनुभव

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नाहटा फाउंडेशन की ओर से महाकुंभ में आयोजित धार्मिक शिविर में प्रवचन करते आचार्य मयंक महाराज।

NCRkhabar@Bhiwadi.प्रयागराज (Prayagraj) में आयोजित महाकुंभ शिवरात्रि के दिन समाप्त हुआ और देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का साक्षी बना। गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम में डुबकी लगाकर भक्तों ने मोक्ष की कामना की। इस दिव्य अवसर पर नाहाटा फाउंडेशन भिवाड़ी ने सेक्टर-17 में धार्मिक शिविर का आयोजन किया। यह आयोजन विशेष रूप से भिवाड़ी से किया गया था और यहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में पहुंचे। यह भिवाड़ी से होने वाला पहला धार्मिक आयोजन था, जिसमें नाहाटा फाउंडेशन (Nahata Foundation) ने ना केवल भिवाड़ी के श्रद्धालुओं बल्कि देशभर से आए भक्तों की सेवा की। संगम तट पर स्थित इस शिविर में भोजन की विशेष व्यवस्था की गई थी। संतों और श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग भोजन व्यवस्था की गई, ताकि सभी को सम्मानपूर्वक भोजन मिल सके।

शिविर में रहा आस्था और परोपकार का अद्वितीय मिश्रण

 

नाहाटा फाउंडेशन का यह शिविर धार्मिकता, आस्था और परोपकार का एक अद्वितीय मिश्रण था। देशभर से आए श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से आयोजित इस शिविर में प्रतिदिन गंगा आरती, हवन और राम कथा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान हुए। आचार्य महेश मयंक महाराज ने अपनी मधुर वाणी से राम कथा का पाठ किया, जिससे भक्तों को प्रभु श्रीराम के जीवन के विभिन्न पहलुओं को जानने का अवसर मिला।
शिविर में आयोजित अखंड हवन ने वातावरण में एक दिव्य और शुद्ध ऊर्जा का संचार किया। हजारों भक्तों ने इस हवन में भाग लेकर ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया। नाहाटा फाउंडेशन ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास और प्रसाधन की निःशुल्क व्यवस्था की, जिससे उन्हें एक आरामदायक और सुखद यात्रा का अनुभव हुआ।
नाहाटा फाउंडेशन के संस्थापक और मार्गदर्शक पार्षद अमित नाहटा जैन ने कहा कि “हमें इस आयोजन का हिस्सा बनने पर अत्यधिक गर्व महसूस हो रहा है। यह एक अत्यंत पवित्र कार्य है, जिसे हम अपने सभी भक्तों और श्रद्धालुओं की सेवा में समर्पित कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि महाकुंभ में यह आयोजन फाउंडेशन के समाज सेवा के प्रयासों का हिस्सा है। इस आयोजन में नाहाटा फाउंडेशन की अध्यक्ष रीतिभा नाहाटा और उनके सभी सदस्य सक्रिय रूप से शामिल हुए। उन्होंने स्वयं श्रद्धालुओं की सेवा की और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके प्रयासों से यह आयोजन एक अविस्मरणीय धार्मिक यात्रा बन गया।
नाहटा फाउंडेशन की ओर से महाकुंभ में आयोजित शिविर में धार्मिक अनुष्ठान करते पार्षद अमित नाहटा।

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