नौकरी के झांसे में फंसाकर किया अपहरण, दुष्कर्म और फिर हत्या

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Crime@ncrkhabar.com भिवाड़ी कापड़ीवास मार्ग पर स्थित द्वारकाधीश सोसायटी के पीछे निर्माणाधीन वेयरहॉउस में बने कमरे में हुई वरसीना नामक महिला की हत्या ने एक चौंकाने वाली कहानी को उजागर किया है, जो एक प्रेम कहानी के दुखद अंत की तरह लगती है। आरोपी सुनील आपराधिक प्रवृत्ति का था और हिंदूवादी संगठनों की आड़ में अपने अपराधों को अंजाम देता था, उसने अपनी ही जान-पहचान की वरसीना को प्यार के जाल में फंसाया। उसे गुरुग्राम में अच्छी नौकरी का लालच देकर बुलाया और फिर उसे अपने साथियों के साथ मिलकर अगवा कर लिया।
यह घटना सिर्फ अपहरण, दुष्कर्म और हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कानून और व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े करती है। पीड़िता ने आरोपियों के चंगुल से निकलकर भिवाड़ी व अलवर पुलिस से मदद मांगी, लेकिन उसे एक थाने से दूसरे थाने भेज दिया गया और समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
वरसीना, जो बाएं पैर से दिव्यांग थी, ने जुलाई 2023 में गुरुग्राम में नौकरी के बहाने सुनील के बहकावे में आकर अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। 17 जुलाई, 2023 को शेखपुर थाना क्षेत्र के सिलारपुर गांव निवासी सुनील अपने साथी बानी और शुभम के साथ मिलकर वरसीना को नौकरी दिलाने के लिए एक बोलेरो में गुरुग्राम के भोंडसी गांव ले  गया। वहाँ उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। सुनील ने एक महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद सुनील अपने भाई भीम और वीरम को वरसीना के पास छोड़कर चला गया, जिन्होंने बारी-बारी से वरसीना के साथ दुष्कर्म किया। गत तीन नवंबर 2023 को मौका पाकर वरसीना किसी तरह उनके चंगुल से भाग निकली और भिवाड़ी पहुँचकर अपने पिता को बुलाया। उन्होंने भिवाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने यह कहकर उन्हें विजय मंदिर थाने भेज दिया कि यह मामला उनके क्षेत्राधिकार का नहीं है। विजय मंदिर पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल की, जिसके बाद वरसीना को इस्तगासा के जरिए मामला दर्ज करवाना पड़ा।
पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के हौसले बुलंद थे। सुनील और उसके साथियों ने वरसीना के ससुराल से उसका दोबारा अपहरण कर लिया। इस अपहरण के बाद गांव में पंचायत भी हुई, जिसमें कुछ लोगों ने वरसीना को वापस लाने का आश्वासन दिया, लेकिन राधेश्याम और दीपक ने वरसीना के घर जाकर धमकी दी कि वह उनके कब्जे में है और वे उसे वापस नहीं देंगे। उधर वरसीना और सुनील धारुहेड़ा की द्वारकाधीश सोसायटी के पास रहने लगे। वरसीना के तीन बच्चे हैं जबकि आरोपी सुनील भी तीन बच्चों का पिता है। मृतका के भाई आसिफ और परिवार वालों ने अपने स्तर पर तलाश किया लेकिन  वरसीना का कोई पता नहीं चला और छह अगस्त को शेखपुर थाना पुलिस ने उसके भाई आसफ को उसकी हत्या की जानकारी दी। आसिफ ने बताया कि उसकी बहन की हत्या सुनील ने किया है और वह बचने के लिए दूसरे युवकों पर गलत आरोप लगा रहा है। मृतका के परिजनों ने रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिससे वह दूसरी लड़कियों की जिंदगी खराब नहीं कर सके। उधर धारूहेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।

आरोपी ने ईंट-पत्थर से किये ताबड़तोड़ वार

गत पांच अगस्त की रात आरोपित सुनील घर पर शराब पीकर आया था। उसने स्केच पेन से दीवार पर एक नोट लिखा, जिस प्रकार उससे सुसाइड नोट लिखा, उससे साफ है कि वह आत्महत्या करने वाला था लेकिन बाद में गुस्सा आने पर पत्नी के साथ झगड़ा हुआ। आरोपित ने पत्नी को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। बाद में ईंट-पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। उसे शक था कि पत्नी वरसीना के शक्ति और हरिओम के साथ अवैध थे।

 

“आरोपी सुनील को रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आरोपी का कहना है कि उसने वरसीना की हत्या चरित्र पर संदेह के चलते की है। पहले आरोपी सुनील आत्महत्या करने वाला था और इसकी उसने तैयार भी कर ली थी लेकिन गुस्सा आने पर पत्नी की हत्या कर दी।”

-डाॅ. रविंद्र कुमार, डीएसपी हैडक्वार्टर।

 

आरोपी सुनील को बापर्दा गिरफ्तार करने के बाद घटना की जानकारी देते डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ रविंद्र कुमार

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