शिक्षिका मनीषा हत्याकांड से हरियाणा में उबाल: भिवानी से बावल-धारूहेड़ा तक सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, आरोपियों की गिरफ्तारी व फांसी की मांग तेज

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इंट्रो 

भिवानी की शिक्षिका मनीषा की हत्या के बाद हरियाणा में गुस्से की लहर दौड़ गई है। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं बावल और धारूहेड़ा में कैंडल मार्च और आक्रोश रैली निकालकर लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और फांसी की मांग की।

 

Ncrkhabar@Bhiwani/Rewari. भिवानी जिले की ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की निर्मम हत्या ने पूरे हरियाणा (Haryana) को हिलाकर रख दिया है। इस जघन्य वारदात के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। भिवानी में परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया और दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। वहीं बावल (Bawal) और धारूहेड़ा (Dharuheda) में सोमवार शाम सैकड़ों लोगों ने कैंडल मार्च और आक्रोश रैली निकालकर न्याय की मांग की।

भिवानी में परिजनों का आक्रोश – शव लेने से किया इनकार

शिक्षिका मनीषा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों का रोष भड़क उठा। परिवार ने हत्या की आशंका जताई और कहा कि पुलिस ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी परिजनों ने सवाल खड़े किए—गले पर गहरे कट के निशान, आंख और कान गायब होने जैसी बातों पर अस्पष्टता बताई गई। परिजनों का कहना है कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे शव को नहीं लेंगे।

परिजनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। ढिगावा पुलिस चौकी के बाहर ग्रामीणों और परिवारजन ने धरना-प्रदर्शन भी किया।

बावल में कैंडल मार्च निकालकर जताया आक्रोश

बावल में सोमवार शाम अंबेडकर पार्क से कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च सर छोटू राम चौक, कटला बाजार, थाना रोड, सब्जी मंडी और रेलवे रोड से होते हुए गुजरा। मार्च में पूर्व मंत्री डॉ. एम.एल. रंगा, किसान नेता रामकिशन महलावत, जिला पार्षद दलबीर सहित सैकड़ों युवा शामिल हुए। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर नारेबाजी की और कहा कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

धारूहेड़ा में आक्रोश रैली

धारूहेड़ा में भी सोमवार रात सामाजिक संगठनों की ओर से कैंडल मार्च और आक्रोश रैली आयोजित की गई। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जनसमूह हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए न्याय की मांग करता रहा।

वक्ताओं ने कहा कि मनीषा की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही आरोपियों को फांसी की सजा नहीं दी गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

 घटनाक्रम: शिक्षिका मनीषा हत्याकांड

  • 15 अगस्त – ढाणी लक्ष्मण (भिवानी) निवासी शिक्षिका मनीषा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला।
  • 16 अगस्त – परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए। भिवानी सिविल अस्पताल में परिजनों ने शव लेने से इंकार किया और धरना शुरू कर दिया।
  • 17 अगस्त – ग्रामीणों ने ढिगावा पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की
रेवाड़ी के बावल कस्बे में कैंडल मार्च निकालते लोग।

 

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