

ncrkhabar@Palwal. हरियाणा के तावडू के खोरी बैरियर से शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बलिया के लिए रवाना हुई एक निजी स्लीपर बस रात में अमन ढाबा (पलवल-अलीगढ़ मार्ग) के पास पहुंचते ही आग का गोला बन गई। हादसा रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच हुआ। बस में सवार लगभग पचास यात्रियों ने जैसे-तैसे खिड़कियां तोड़कर बाहर छलांग लगाई। बताया जा रहा है कि बस में रखे किसी ज्वलनशील या विस्फोटक पदार्थ के फटने से आग लगी, जिसने पलभर में पूरे वाहन को लपटों में घेर लिया।
शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच पलवल-अलीगढ़ रोड पर अमन ढाबा के पास अचानक स्लीपर बस में रखे विस्फोटक पदार्धथ में धमाका हुआ और देखते ही देखते बस आग की लपटों में घिर गई। यह बस हरियाणा के तावडू के खोरी बैरियर से बलिया (उत्तर प्रदेश) के लिए रवाना हुई थी। हादसे के समय बस में करीब 45-50 यात्री सवार थे। आग लगते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन अधिकांश लोगों ने समझदारी दिखाते हुए खिड़कियां तोड़कर बाहर छलांग लगाई और अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस से अचानक तेज धमाके की आवाज आई और कुछ ही सेकंड में आग फैल गई। आग इतनी भीषण थी कि पूरी बस कुछ ही मिनटों में आग के गोले में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कई दमकल वाहनों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
सूत्रों के अनुसार, बस में किसी यात्री ने अपने साथ कोई ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री रखी थी, जो गर्मी या रगड़ से फट गई। इससे धमाका हुआ और आग फैल गई। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है।
ट्रैवल एजेंसियों की लापरवाही उजागर:
जानकारी के अनुसार किराए पर ली गई यह बस तावडू के खोरी बैरियर पर स्थित एक निजी ट्रैवल एजेंसी की थी। इस क्षेत्र में कई ट्रैवल एजेंसियां हैं, जो रोजाना यूपी-बिहार जाने वाली स्लीपर बसों का संचालन करती हैं। राजस्थान में टैक्स अधिक होने के कारण अधिकतर बसें हरियाणा सीमा के इस इलाके से संचालित की जाती हैं लेकिन प्रशासन इन बसों की जांच, परमिट सत्यापन और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर नहीं है। इसी माह राजस्थान के जैसलमेर में हुए स्लीपर बस हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। यह घटना नूंह और पलवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि खोरी बैरियर से रोजाना दर्जनों निजी स्लीपर बसें बिना किसी तकनीकी जांच और फायर सेफ्टी उपकरणों के रवाना होती हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैवल एजेंसियों की जांच करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
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