राजस्थान में टेंडर प्रक्रिया में देरी से 104 एंबुलेंस सेवा ठप, मरीजों व कर्मचारियों पर दोहरी मार

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helath@ncrkhabar. com-Bhiwadi. राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर खैरथल-तिजारा सहित पूरे प्रदेश में पिछले नौ दिनों से 104 एंबुलेंस सेवा पूरी तरह बंद पड़ी है। टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण प्रदेशभर में यह जनसेवा ठप हो गई है, जिसका सीधा असर मरीजों और एंबुलेंस कर्मियों पर पड़ रहा है। खैरथल-तिजारा जिले में संचालित 104 की सातों एंबुलेंस बंद होने से मरीजों को भारी किराया देकर निजी वाहनों से अस्पताल आना-जाना पड़ रहा है।

राजस्थान में 104 एंबुलेंस सेवा के तहत छोटे बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना, ऑपरेशन के बाद मरीजों को घर छोड़ना और प्रसूता महिलाओं को डिलीवरी के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं दी जाती थीं, लेकिन सेवा बंद होने से यह सभी कार्य प्रभावित हो गए हैं। जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रदेश में लगभग 600 एंबुलेंस पर कार्यरत करीब 1200 चालक और स्टाफ पिछले कई दिनों से बेरोजगार की स्थिति में हैं। कर्मचारियों को बीते तीन महीनों से वेतन भी नहीं मिला है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन जिला खैरथल-तिजारा के अध्यक्ष अंसार खान ने बताया कि यदि सरकार ने जल्द ही 104 एंबुलेंस सेवा को पुनः शुरू कर स्टाफ को ड्यूटी पर नहीं बुलाया, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसी को लेकर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह शेखावत के आह्वान पर आज जयपुर में एक अहम बैठक रखी गई है, जिसमें प्रदेशभर के 104 एंबुलेंस कर्मचारी शामिल होकर बंद पड़ी सेवा के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करेंगे। एंबुलेंस सेवा ठप होने से जहां आमजन को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है, वहीं कर्मचारियों का भविष्य भी अनिश्चित होता जा रहा है। अब सभी की नजरें सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि कब तक यह आवश्यक जनसेवा फिर से शुरू हो पाएगी।

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