
Business@ncrkhabar. com-Bhiwadi. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बजट पूर्व बैठक में भिवाड़ी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (BMA) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को लेकर उद्योग हितैषी सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में बीएमए अध्यक्ष चौधरी जसबीर सिंह राणा और पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान ने भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और संभावनाओं को प्रमुखता से रखा। बीएमए अध्यक्ष चौधरी जसवीर सिंह राणा ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती के कारण एसजीएसटी रीइम्बर्समेंट में उद्योगों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए योग्य ऑटो-कंपोनेंट यूनिट्स को क्षतिपूर्ति सहायता या ट्रांजिशनल प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। उन्होंने शेष पात्र अवधि के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन, ब्याज सबवेंशन या विशेष अनुदान जैसी वैकल्पिक सहायता व्यवस्था लागू करने की मांग भी की। बीएमए अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिन औद्योगिक इकाइयों ने RIPS-2019 के तहत भूमि पंजीकरण करा लिया है और जिन्होंने अभी तक कोई पोस्ट-प्रोडक्शन इंसेंटिव नहीं लिया है, उन्हें RIPS-2024 के तहत लाभ लेने का विकल्प दिया जाए। साथ ही क्लॉज 6.2 के कारण उत्पन्न हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक स्पष्टीकरण और छूट जारी की जाए। मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी के अंतर्गत मिलने वाले इंसेंटिव का लाभ सभी एमएसएमई इकाइयों को दिए जाने की मांग की गई, ताकि उन्हें समान अवसर मिल सके और उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े। इसके अलावा स्टाम्प ड्यूटी में छूट को लेकर जारी विरोधाभासी सर्कुलरों को वापस लेकर RIPS प्रावधानों के अनुरूप स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग रखी गई। बैठक में एसजीएसटी पंजीकरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जोनल ऑफिस स्तर पर विकेंद्रीकृत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, जिससे करदाताओं पर बोझ कम होगा और शिकायतों का निपटारा तेजी से हो सकेगा। बीएमए ने 31 मार्च 2025 तक के सभी लंबित मामलों को शामिल करते हुए नई राजस्थान वैट एमनेस्टी स्कीम लागू करने और रीको एमनेस्टी स्कीम की घोषणा करने की भी मांग रखी, ताकि लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान हो और उद्योगों को राहत मिल सके। राजस्थान स्टाम्प एक्ट, 1998 के तहत अपील के लिए जमा कराई जाने वाली राशि को भी अधिक बताते हुए इसमें संशोधन कर इसे वैट, सीएसटी और जीएसटी के समान स्तर पर लाने की बात कही गई।
भिवाड़ी को मेगा औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए
इसके साथ ही भिवाड़ी को मेट्रो लाइन से जोड़ने, ट्रांसपोर्ट नगर, लोहा मंडी, तकनीकी महाविद्यालय सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित कर भिवाड़ी को मेगा औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बीएमए अध्यक्ष चौधरी जसबीर सिंह राणा ने कहा कि ये सभी सुझाव औद्योगिक विश्वास, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देंगे तथा प्रदेश में व्यापार करने में सकारात्मक वातावरण बनाएंगे। उन्होंने आशा जताई कि राज्य सरकार बजट 2026-27 में इन मांगों को प्राथमिकता देगी।

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