

Busienss@ncrkhabar.com-Bhiwadi. खुशखेड़ा कारौली औद्योगिक संघ (के.के.आई.ए.) की ओर से खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में रीको एवं जयपुर डिस्कॉम भिवाड़ी के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य खुशखेड़ा, कारौली एवं सालारपुर औद्योगिक क्षेत्रों के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे की मजबूती तथा उद्योगों को लंबे समय से प्रभावित कर रही समस्याओं के समाधान पर गंभीर मंथन करना रहा। बैठक में उद्योगपतियों ने एक स्वर में कहा कि आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण उत्पादन, निवेश और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस दौरान कई अहम मुद्दों को प्राथमिकता के साथ अधिकारियों के समक्ष रखा गया।
33 केवी टॉय ज़ोन सब-स्टेशन पर नाराजगी
बैठक में 33 केवी टॉय ज़ोन सब-स्टेशन के निर्माण एवं संचालन में लगातार हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। उद्योगपतियों ने बताया कि बिजली की बढ़ती मांग के बावजूद सब-स्टेशन समय पर चालू नहीं होने से उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि आगामी 15 दिनों के भीतर सब-स्टेशन को चालू किया जाए, ताकि औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
जल भराव व प्रदूषण बना बड़ी समस्या
बैठक में यह गंभीर मुद्दा भी उठाया गया कि भिवाड़ी सीईटीपी द्वारा गंदे पानी को पाइपलाइन के जरिए खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की ओर छोड़ा जा रहा है। इससे क्षेत्र के बड़े हिस्से में दूषित पानी भरा रहता है, जिससे न केवल उद्योग प्रभावित हो रहे हैं बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य को भी खतरा पैदा हो रहा है। संघ ने इस गंदे पानी की निकासी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
बिजली ट्रिपिंग से उत्पादन प्रभावित
उद्योगपतियों ने औद्योगिक क्षेत्र में बार-बार हो रही विद्युत ट्रिपिंग की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे उत्पादन बाधित होता है और मशीनरी को नुकसान पहुंचता है। संघ ने निर्बाध एवं स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग करते हुए त्वरित तकनीकी समाधान पर जोर दिया।
मेंटेनेंस शेड्यूल तय करने की मांग
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि विद्युत रखरखाव के लिए पूर्व निर्धारित मेंटेनेंस शेड्यूल बनाया जाए और मेंटेनेंस कार्य रविवार के दिन कराए जाएं, ताकि कार्यदिवसों में औद्योगिक गतिविधियां बाधित न हों।
सालारपुर औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की कमी
सालारपुर औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई। उद्योगपतियों ने 220 केवी ग्रिड एवं प्रस्तावित नए 33 केवी सब-स्टेशन से जुड़े अधूरे इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और शीघ्र पूर्ण करने की मांग की, ताकि भविष्य में औद्योगिक विस्तार में बाधा न आए।
सीईटीपी व डंपिंग यार्ड के लिए भूमि आवंटन पर सवाल
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) को अब तक सीईटीपी एवं डंपिंग यार्ड के लिए भूमि आवंटित नहीं की गई है, जबकि औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए यह अत्यंत आवश्यक है।
सड़क, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा पर जोर
औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों एवं आंतरिक मार्गों की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही सड़क किनारे इंटरलॉक टाइल लगाने की मांग रखी गई, ताकि वाहनों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण किया जा सके। कई स्थानों पर हाई मास्क लाइट व स्ट्रीट लाइट बंद या अनुपलब्ध होने से सुरक्षा व आवागमन में परेशानी की बात भी रखी गई। इसके अलावा नालियों की नियमित सफाई, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, संकेत बोर्ड और सामान्य सुरक्षा सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
रीको एवं जयपुर डिस्कॉम के अधिकारियों ने बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने तथा उच्च अधिकारियों के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। के.के.आई.ए. ने क्षेत्र के सतत औद्योगिक विकास और बेहतर आधारभूत संरचना के लिए प्रशासन के साथ निरंतर सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में के.के.आई.ए. अध्यक्ष प्रदीप दायमा, रीको से अखिल अग्रवाल, गुरदीप सिंह, विद्युत विभाग से एस.सी. महावर, कमल वर्मा, लोकेश कुमार सहित एसोसिएशन के आनंद अग्रवाल, उम्मेद सिंह, संदीप यादव, मयंक अग्रवाल समेत सैकड़ों उद्योगपति उपस्थित रहे।



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