

business@ncrkhabar.com-bhiwadi/Gurgaon. एनसीआर में Real Estate बाजार में भिवाड़ी और टपूकड़ा क्षेत्र हमेशा से सस्ते और किफायती विकल्प के रूप में उभरे हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो गुरुग्राम की महंगी प्रॉपर्टी से बचना चाहते हैं। लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी होने के बावजूद khijuriwas Toll plaza (खिजुरीवास टोल प्लाजा) इस क्षेत्र में निवेशकों और खरीदारों के लिए एक बड़ी बाधा बन गया था। टोल टैक्स और लगातार होने वाले ट्रैफिक जाम की वजह से एनसीआर के बायर्स टोल के आगे टपूकड़ा तक प्रॉपर्टी खरीदने से कतराते रहे। अब इस समस्या का समाधान निकला है। प्रशासन ने खिजुरीवास टोल प्लाजा को शहरी क्षेत्र से हटाकर maseet गांव में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से न केवल ट्रैफिक जाम और टोल टैक्स की समस्या खत्म होगी, बल्कि Bhiwadi-Tapukda भिवाड़ी–टपूकड़ा क्षेत्र में रियल एस्टेट और औद्योगिक निवेश को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
टपूकड़ा–खुशखेड़ा और कारोली–सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में Honda, Shree Cement, SBF Ispat, Sunbeam Auto जैसे बड़े उद्योग स्थापित हैं, जिनका कच्चा माल और तैयार उत्पाद दिल्ली-एनसीआर के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक आवागमन करते हैं। मौजूदा टोल प्लाजा के कारण भारी वाहनों को जाम में फंसना पड़ता था, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ती थी और समय की बर्बादी होती थी।
खुशखेड़ा कारौली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (KKIA) के अध्यक्ष प्रदीप दायमा ने बताया कि लंबे समय से टोल प्लाजा को शहरी सीमा से बाहर शिफ्ट करने की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा, “टोल के कारण उद्योगों के ट्रांसपोर्ट व्हीकल्स को बार-बार जाम का सामना करना पड़ता था, जिससे ईंधन और समय दोनों का भारी नुकसान होता था। टोल शिफ्ट होने से उद्यमियों और कामगारों को बेहतर सुविधा मिलेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।”
आवासीय क्षेत्रों के लिए भी यह बदलाव बड़ी राहत लेकर आएगा। हिल्वयू गार्डन सोसायटी के आरडब्ल्यूए महासचिव धर्मेन्द्र कुमार गौतम ने बताया कि टोल टैक्स और जाम के कारण आसपास की सोसायटियों में रहने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा था। उन्होंने कहा कि “अब टोल शिफ्ट होने से आवागमन सुचारू होगा और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।,” धर्मेंद्र कुमार ने आगे बताया कि “फिलहाल टोल के बाद की प्रॉपर्टी कीमतों में काफी वैक्यूम है, लेकिन टोल प्लाजा शिफ्ट होने के बाद 30 से 40 प्रतिशत तक कीमतों में तेजी आने की संभावना है।
रियल एस्टेट सेक्टर में भी टोल प्लाजा ने निवेशकों के लिए मनोवैज्ञानिक बाधा का काम किया है। रियल एस्टेट फर्म India Propmart के संचालक पंकज भदौरिया ने बताया, “खरीदार यह देखकर फैसला करते थे कि प्रॉपर्टी टोल से पहले है या बाद में। टोल प्लाजा से टपूकड़ा के मध्य स्थित सोसायटियों में इसलिए निवेश कम होता था। टोल हटने के बाद यह क्षेत्र भिवाड़ी का नया सेंट्रल प्वाइंट बन जाएगा।” पंकज भदौरिया ने बताया कि सिक्स लेन सड़क बनने से ट्रैफिक जाम और टोल टैक्स की समस्या दूर होगी, जिससे कम बजट वाले खरीदार भी टपूकड़ा इलाके को प्राथमिकता देंगे।” उन्होंने कहा कि खिजुरीवास टोल प्लाजा के मसीत शिफ्ट होने से न केवल उद्योगों और आवासीय इलाकों को फायदा होगा, बल्कि यह एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में भी नई ऊर्जा का संचार करेगा।




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