

Ncrkhabar@Bhiwadi.औद्योगिक नगरी भिवाड़ी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को तकनीकी नवाचार, वित्तीय सहायता, सरकारी खरीद और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से दो दिवसीय एमएसएमई वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। होटल रीजेंसी में आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों और बड़े औद्योगिक खरीदारों की ओर से स्टॉल लगाकर उद्यमियों को योजनाओं और कारोबारी अवसरों की जानकारी दी गई।
तकनीकी नवाचार और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई विकास कार्यालय जयपुर की ओर से एमएसएमई-टीसी, डीआईसीसी, बीएमए, बीआईआईए, केकेआईए, एलयूबी, बीसीसीआई भिवाड़ी एवं डीआईसीसीआई के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया।दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत एमएसएमई-डीएफओ जयपुर के सहायक निदेशक बलराम मीणा ने की। उन्होंने उद्यमियों, विषय विशेषज्ञों और प्रदर्शकों का स्वागत किया। एमएसएमई-डीएफओ जयपुर के निदेशक प्रदीप ओझा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जोड़कर तकनीकी नवाचार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही सिडबी और बैंकों के माध्यम से हरित ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण की राह आसान बनाने तथा बीआईएस के सहयोग से उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने पर जोर दिया गया।
IIT Delhi ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की दी जानकारी
आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर सुनील झा ने एमएसएमई के लिए स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन सहायता के अवसरों पर प्रस्तुति दी। वहीं इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट्स प्रमोशन काउंसिल (EEPC) के क्षेत्रीय निदेशक राकेश सूरज ने एमएसएमई के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध निर्यात संभावनाओं की जानकारी दी। बीएसई एसएमई, जीईएम पोर्टल, ईईपीसी और इंडिया पोस्ट के प्रतिनिधियों ने उद्यमियों को पूंजी जुटाने, सरकारी खरीद में भागीदारी और निर्यात की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा और SIDBI ने बताईं वित्तीय योजनाएं
पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा और सिडबी के अधिकारियों ने राज्य सरकार की वित्तीय प्रोत्साहन योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और सब्सिडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने उद्यमियों से उपलब्ध वित्तीय योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योगों के विस्तार और आधुनिकीकरण पर जोर दिया।
रक्षा, रेलवे और PSU से जुड़े खरीदारों की लगी स्टॉल
कार्यक्रम में डीजीएक्यूए नई दिल्ली, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री मुरादनगर, ओएनजीसी, ईआईएल, आईओसीएल, एचआरआरएल पचपदरा-बालोतरा, गेल जयपुर और भारतीय रेल सहित विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। इसके अलावा आईआईटी दिल्ली, बीआईएस जयपुर, ट्रेड्स-आरएक्सआईएल, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिडबी, जीईएम, इंडिया पोस्ट, बीएसई एसएमई, ईपीएफओ, एमएसएमई-टीसी भिवाड़ी, ट्रेड्स-एम1 एक्सचेंज और आरएसए सहित विभिन्न संस्थानों की स्टॉल लगाई गईं। इन स्टॉल के माध्यम से स्थानीय एमएसएमई को सरकारी खरीद, बड़े संस्थानों की जरूरतों, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और निर्यात से जुड़े अवसरों की जानकारी मिली। कार्यक्रम में बीएमए के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान, बीसीसीआई अध्यक्ष चौधरी राम नारायण सिंह, सीएमटी ग्रुप के निदेशक सुशील कुमार सहित विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारी और 200 से अधिक उद्यमी शामिल हुए। एमएसएमई-डीएफओ जयपुर के उपनिदेशक अजय शर्मा ने उद्यमियों से कार्यक्रम में उपलब्ध योजनाओं और अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत एमएसएमई क्षेत्र देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।एमएसएमई-डीएफओ जयपुर के सहायक निदेशक सुरेंद्र कुमार ने अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रदर्शकों और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया।


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