खैरथल-तिजारा जिले में पंचायती राज का पुनर्गठन: टपूकड़ा सहित दो नई पंचायत समितियां और 34 नई ग्राम पंचायतें बनेंगी

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NCRkhabar@Bhiwadi. खैरथल-तिजारा जिले के ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले की पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के तहत सोमवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जिसके अंतर्गत पंचायत, पंचायत समितियों और नवगठित जिला परिषद के पुनर्गठन प्रस्तावों को सार्वजनिक कर दिया गया है। इस पुनर्गठन प्रक्रिया में जिले को दो नई पंचायत समितियां – तिजारा से टपूकड़ा और मुंडावर से ततारपुर – मिलने की संभावना है।
जिला कलेक्टर किशोर कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रकाशित प्रस्तावों के अनुसार जिले में कुल 34 नई ग्राम पंचायतों का सृजन प्रस्तावित है। इसके बाद जिले में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर 175 हो जाएगी, जिससे ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।
विभिन्न पंचायत समितियों में प्रस्तावित परिवर्तनों की बात करें तो, किशनगढ़ बास पंचायत समिति में पांच नई, 20 पुनर्गठित और छह यथावत पंचायतों के साथ कुल 31 ग्राम पंचायतें प्रस्तावित की गई हैं। वहीं, कोटकासिम पंचायत समिति में सात नई, 19 पुनर्गठित और छह यथावत पंचायतों सहित कुल 32 ग्राम पंचायतें होंगी। तिजारा पंचायत समिति में छह नई, 14 पुनर्गठित और नौ यथावत पंचायतों को मिलाकर कुल 29 ग्राम पंचायतें प्रस्तावित हैं।
मुंडावर पंचायत समिति में चार नई, 10 पुनर्गठित और 14 यथावत पंचायतों के साथ कुल 28 ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, नवगठित पंचायत समिति ततारपुर में पांच नई, 10 पुनर्गठित और 11 यथावत ग्राम पंचायतों सहित कुल 26 ग्राम पंचायतें प्रस्तावित हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव टपूकड़ा पंचायत समिति के गठन के रूप में सामने आया है, जिसमें सात नई, 14 पुनर्गठित और आठ यथावत ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए कुल 29 ग्राम पंचायतें प्रस्तावित की गई हैं।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने बताया कि इन प्रकाशित प्रस्तावों पर यदि किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति है, तो वे अपनी आपत्तियां आगामी एक महीने के भीतर, यानी 7 अप्रैल से 6 मई तक संबंधित उपखंड अधिकारी, तहसीलदार अथवा जिला कलेक्टर खैरथल-तिजारा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।
यह पुनर्गठन प्रक्रिया खैरथल-तिजारा जिले में पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा स्थानीय स्तर पर विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के गठन से प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी और आमजन तक विकास योजनाओं की पहुंच और बेहतर हो सकेगी।

 

 

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